Monday , 26 October 2026

करवा चौथ पर छलनी से ही क्यों देखती हैं महिलाएं चांद और पति का चेहरा? जानिए इस परंपरा का धार्मिक महत्व

धर्म डेस्क: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास करने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा की जाती है और चंद्रमा निकलने का इंतजार किया जाता है। चांद दिखाई देने पर महिलाएं पहले छलनी से उसके दर्शन करती हैं और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखकर उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस रस्म में छलनी का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? आइए जानते हैं इस परंपरा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और इसका प्रतीकात्मक महत्व।

करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की क्या है मान्यता?

करवा चौथ की पूजा में छलनी का विशेष स्थान है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं चंद्रमा के दर्शन करने के बाद उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखती हैं। इसे पति-पत्नी के बीच प्रेम, समर्पण, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने की भावना से जोड़कर देखा जाता है।

लोकमान्यता के अनुसार, छलनी जिस तरह अनावश्यक चीजों को छानकर अलग करती है, उसी तरह वैवाहिक जीवन में भी मनमुटाव, गलतफहमियों और नकारात्मक विचारों को दूर रखकर प्रेम और समझदारी बनाए रखने का संदेश इससे जोड़ा जाता है। हालांकि, छलनी से चांद और पति का चेहरा देखने के पीछे कोई एक सर्वमान्य ऐतिहासिक कारण प्रमाणित नहीं है। अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में इस परंपरा की व्याख्या अलग हो सकती है।

पति का चेहरा छलनी से ही क्यों देखती हैं महिलाएं?

करवा चौथ की रस्म में चंद्रमा के दर्शन के बाद पति का चेहरा देखना एक भावुक और खास पल माना जाता है। दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं।

धार्मिक और पारिवारिक मान्यताओं में छलनी से पति का चेहरा देखने की परंपरा को शुभता, प्रेम और आपसी विश्वास से जोड़ा जाता है। इसे इस भावना के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है कि पति-पत्नी अपने रिश्ते में सम्मान, सकारात्मकता और एक-दूसरे का साथ बनाए रखें।

यह रस्म पीढ़ियों से चली आ रही पारिवारिक परंपराओं का हिस्सा है। समय के साथ इसके तौर-तरीकों में बदलाव आया है, लेकिन अनेक परिवारों में आज भी इसका विशेष महत्व बना हुआ है।

करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा क्यों की जाती है?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में चंद्रमा को मन, शीतलता और सौम्यता से जोड़कर देखा जाता है। करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन और पूजा को व्रत की पूर्णता से संबंधित माना जाता है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं।

चंद्र दर्शन के बाद पति का चेहरा देखना और उनके हाथों से जल ग्रहण करना इस पर्व की प्रमुख परंपराओं में शामिल है। कई परिवारों में पति अपनी पत्नी को मिठाई या भोजन भी खिलाते हैं। इस तरह करवा चौथ केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि दांपत्य जीवन में प्रेम और अपनापन व्यक्त करने का अवसर भी बन जाता है।

सरगी से चंद्र दर्शन तक, ऐसे पूरा होता है करवा चौथ का व्रत

करवा चौथ के दिन व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होती है। कई परिवारों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। इसके बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेकर दिनभर उपवास करती हैं। पारंपरिक रूप से इस व्रत में अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता, हालांकि व्रत की विधि परिवार और क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है।

शाम को महिलाएं श्रृंगार करके पूजा की तैयारी करती हैं। करवा चौथ की कथा सुनी जाती है और परंपरा के अनुसार करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती तथा भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसके बाद चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा की जाती है।

चंद्रमा दिखाई देने पर महिलाएं छलनी से चांद के दर्शन करती हैं और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किया जाता है और पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण किया जाता है।

करवा चौथ पर छलनी की परंपरा का क्या है संदेश?

करवा चौथ पर छलनी से चंद्रमा और पति का चेहरा देखने की परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की भावना से भी जुड़ी है। छलनी के प्रतीकात्मक अर्थ को रिश्तों से जोड़कर देखा जाता है, जबकि चंद्रमा की पूजा पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना का प्रतीक है।

यही वजह है कि करवा चौथ की यह रस्म आज भी अनेक परिवारों में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

Check Also

राहुल गांधी के काफिले की टक्कर की जांच के लिए SIT गठित, IG किरण एस. को सौंपी गई जिम्मेदारी

यूपी डेस्क: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सुल्तानपुर दौरे के …