गाजियाबाद: मोदीनगर के सीकरी खुर्द गांव में शनिवार सुबह एक निर्माणाधीन मकान की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय वहां काम कर रहे छह मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले बचाव अभियान शुरू किया, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने राहत कार्य संभाला। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। घटना से नाराज मृतक और घायलों के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया।
तीन दिन से चल रहा था शटरिंग लगाने का काम
यह हादसा मोदीनगर के सीकरी खुर्द गांव में कलछीना मार्ग पर हुआ। गांव के रहने वाले सत्ते कुमार अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। यहां पिछले तीन दिनों से शटरिंग लगाने का काम चल रहा था, जिसमें एक दर्जन से अधिक मजदूर लगे हुए थे।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे मजदूर दोबारा काम पर पहुंचे और शटरिंग के नीचे निर्माण कार्य में जुट गए। करीब 10 बजे अचानक शटरिंग टूटकर नीचे गिर गई। इसकी चपेट में आने से छह मजदूर मलबे में दब गए। शटरिंग गिरने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और पूरे इलाके में धूल का गुबार फैल गया।
स्थानीय लोगों ने सबसे पहले शुरू किया बचाव अभियान
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर मजदूरों को निकालने में जुट गए। स्थानीय लोगों ने करीब 10 मिनट के भीतर दो मजदूरों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को घटनास्थल से दूर किया, ताकि राहत-बचाव कार्य में बाधा न आए। कुछ ही देर में दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें भी पहुंच गईं। बचाव दल ने अभियान चलाकर मलबे में फंसे बाकी चार मजदूरों को बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
मौके पर एसडीएम और एसीपी मोदीनगर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने से बचाव अभियान में कुछ परेशानी भी हुई।
एक मजदूर की मौत, तीन गंभीर घायलों को गाजियाबाद भेजा
हादसे में फरीदनगर निवासी कैलाश उर्फ छोटू की मौत हो गई। वहीं, दीपक, सचिन, पप्पू, सोबी और नरेंद्र घायल हुए हैं। घायलों में सोबी, पप्पू और सचिन की हालत गंभीर बताई गई है। बेहतर इलाज के लिए तीनों को गाजियाबाद रेफर किया गया है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मुआवजे की मांग को लेकर दिल्ली-मेरठ मार्ग पर लगाया जाम
हादसे के बाद मृतक और घायलों के परिजनों ने प्रशासन और मकान मालिक के खिलाफ नाराजगी जताई। परिजन जिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर पहुंचे और मुआवजे की मांग करते हुए दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया।
परिजनों का आरोप था कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन और मकान मालिक की ओर से जिम्मेदारी नहीं ली जा रही है। उनका कहना था कि मजदूर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और उनके लिए इलाज का खर्च उठाना मुश्किल है।
जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाया। करीब 10 मिनट बाद जाम खुलवाया गया, जिसके बाद सड़क पर आवागमन सामान्य हो सका।
फिलहाल हादसे में एक मजदूर की मौत और पांच लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। शटरिंग गिरने की वजहों का पता लगाया जाना बाकी है।
Navyug Samachar