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शादी की तैयारियों के बीच मातम! अलीगढ़ का लाल जितेंद्र शर्मा जोरहाट विमान हादसे में शहीद, 8 दिन पहले ही देखने गए थे लड़की

लखनऊ डेस्क : असम के जोरहाट में हुए भारतीय वायु सेना के विमान हादसे ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस दुर्घटना में भारतीय वायु सेना के 31 वर्षीय सार्जेंट जितेंद्र शर्मा शहीद हो गए। परिवार जहां उनकी शादी की तैयारियों में जुटा था, वहीं अचानक आई शहादत की खबर ने पूरे घर को मातम में बदल दिया।

जितेंद्र शर्मा हाल ही में छुट्टी पर अपने गांव आए थे। परिवार के साथ 5 जून को वह रिश्ते के सिलसिले में लड़की देखने भी गए थे। शादी की बात आगे बढ़ रही थी और रिश्ता तय करने की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच ड्यूटी पर लौटने के कुछ दिनों बाद उनकी शहादत की खबर घर पहुंची, जिसने परिजनों को झकझोर कर रख दिया।

लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा, पांच जवानों ने दी सर्वोच्च बलिदान

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे भारतीय वायु सेना का एएन-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में सार्जेंट जितेंद्र शर्मा समेत पांच जवान शहीद हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

2014 में वायु सेना में शामिल होकर चुना था देश सेवा का रास्ता

अलीगढ़ के सालपुर गांव निवासी जितेंद्र शर्मा ने वर्ष 2014 में भारतीय वायु सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। उन्होंने अपने कर्तव्य और समर्पण के बल पर सेवा के दौरान अलग पहचान बनाई।

करीब 12 वर्ष पहले जितेंद्र अपने पिता को खो चुके थे। परिवार में उनकी मां और दो बड़े भाई रमाकांत तथा भूपेंद्र हैं। परिजनों के अनुसार, दोनों भाइयों ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और देश सेवा के लिए प्रेरित किया।

शहादत की खबर से गांव और परिवार में पसरा सन्नाटा

जितेंद्र शर्मा की शहादत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ दिनों पहले शादी की चर्चाएं हो रही थीं, वहां अब शोक का माहौल है। गांव के लोगों ने भी इस युवा सैनिक के बलिदान को देश के लिए बड़ी क्षति बताया है।

बागपत के फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर भी हुए शहीद

इस विमान हादसे में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला थाना क्षेत्र स्थित कंडेरा गांव के फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर भी शहीद हो गए। जैसे ही उनके बलिदान की सूचना गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

परिजनों के अनुसार, प्रशांत सिंह तोमर करीब छह वर्ष पहले भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में चयनित हुए थे। अपनी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति के बल पर उन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

सेना परिवार से था नाता, देहरादून में हुई पढ़ाई

प्रशांत सिंह तोमर के ताऊ प्रमोद तोमर ने बताया कि हादसे की जानकारी दोपहर में मिली। उनके पिता उमेश तोमर सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में देहरादून के सैलाकुई क्षेत्र में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं।

परिजनों के मुताबिक, प्रशांत ने अपनी शुरुआती और उच्च शिक्षा का अधिकांश हिस्सा देहरादून में रहकर पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। परिवार में वह दो भाई-बहनों में से एक थे। करीब दो वर्ष पहले उनका विवाह दिल्ली निवासी ऐश्वर्या के साथ हुआ था।

 

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