
नेशनल डेस्क : आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार करदाताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जानना बेहद जरूरी है। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर-1 (सहज), आईटीआर-2 और आईटीआर-4 (सुगम) की एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध करा दी है, जिससे करदाता ऑफलाइन मोड में भी अपना रिटर्न तैयार कर सकते हैं। हालांकि रिटर्न दाखिल करने से पहले डोनेशन पर मिलने वाली टैक्स छूट के नियमों को समझना भी जरूरी है, क्योंकि सही जानकारी के अभाव में कई लोग इस लाभ से वंचित रह जाते हैं।
ऑफलाइन भी तैयार कर सकेंगे ITR
आयकर विभाग वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सभी जरूरी आईटीआर फॉर्म जारी कर चुका है। करदाता आधिकारिक पोर्टल से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं, उसमें अपनी आय और अन्य जानकारियां भर सकते हैं, फिर JSON फाइल तैयार कर उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
रिटर्न दाखिल करने के लिए करदाताओं को ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। पहली बार रिटर्न भरने वाले लोगों को पैन, आधार और अन्य आवश्यक विवरणों के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। रिटर्न जमा करने से पहले सभी जानकारियों का सत्यापन और मिलान करना जरूरी है।
डोनेशन पर टैक्स छूट के क्या हैं नियम?
आयकर अधिनियम की धारा 80G के तहत कुछ विशेष संस्थाओं और फंडों को दिए गए दान पर टैक्स में छूट का प्रावधान है। हालांकि हर दान पर समान छूट नहीं मिलती। यह लाभ केवल पुराने टैक्स रिजीम का विकल्प चुनने वाले करदाताओं को उपलब्ध है। नई टैक्स व्यवस्था में इस कटौती का फायदा नहीं दिया जाता।
चार श्रेणियों में मिलती है टैक्स कटौती
डोनेशन पर मिलने वाली टैक्स छूट को चार अलग-अलग वर्गों में बांटा गया है। इनमें बिना किसी सीमा के 100 प्रतिशत कटौती, बिना सीमा के 50 प्रतिशत कटौती, निर्धारित सीमा के साथ 100 प्रतिशत कटौती और निर्धारित सीमा के साथ 50 प्रतिशत कटौती शामिल हैं।
करदाता को दान की रसीद और संबंधित संस्था की पात्रता के आधार पर यह तय करना होता है कि उसका दान किस श्रेणी में आता है।
80G का लाभ लेने के लिए जरूरी है 10BE सर्टिफिकेट
धारा 80G के तहत टैक्स छूट का दावा करने के लिए दान प्राप्त करने वाली संस्था से 10BE सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। इसी दस्तावेज के आधार पर करदाता आयकर रिटर्न में कटौती का दावा कर सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कपड़े, खाद्य सामग्री या अन्य वस्तुओं के रूप में किए गए दान पर इस प्रकार की टैक्स छूट नहीं मिलती। केवल पात्र संस्थाओं को दिए गए योग्य वित्तीय दान ही इस सुविधा के दायरे में आते हैं।
किन फंडों में दान पर मिलती है 100 फीसदी टैक्स छूट?
कुछ सरकारी फंड और मान्यता प्राप्त संस्थान ऐसे हैं, जहां दान देने पर 100 प्रतिशत टैक्स कटौती का लाभ मिल सकता है। इनमें राष्ट्रीय रक्षा कोष, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष, पीएम केयर्स फंड, राष्ट्रीय खेल कोष, राष्ट्रीय सांस्कृतिक कोष, स्वच्छ भारत कोष, क्लीन गंगा फंड और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री राहत कोष शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा सहायता कोष और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्यरत ट्रस्टों को दिए गए दान पर भी पूरी टैक्स कटौती का लाभ मिल सकता है।
राजनीतिक दलों को दान पर भी मिल सकता है लाभ
आयकर अधिनियम की धारा 80GGC के तहत राजनीतिक दलों और इलेक्टोरल ट्रस्ट को दिए गए दान पर भी करदाता टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके लिए रिटर्न भरते समय दान से जुड़ी पूरी जानकारी देना अनिवार्य होता है।
दान की तारीख, राशि, भुगतान का तरीका, ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर, चेक नंबर अथवा यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस से संबंधित विवरण और बैंक का आईएफएससी कोड भी दर्ज करना होता है।
कुछ मामलों में आय के आधार पर तय होती है छूट
परिवार नियोजन कार्यक्रमों के लिए सरकार या मान्यता प्राप्त संस्थाओं को दिए गए दान तथा खेलों के विकास के लिए भारतीय ओलंपिक संघ या अधिसूचित संस्थाओं को दिए गए कुछ दान पर 100 प्रतिशत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है। हालांकि ऐसे मामलों में कटौती की सीमा करदाता की समायोजित सकल कुल आय के 10 प्रतिशत तक ही निर्धारित होती है।
ITR भरने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
डोनेशन पर टैक्स छूट का दावा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित संस्था आयकर विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है। साथ ही दान की रसीद, 10BE सर्टिफिकेट और भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें। सही दस्तावेज और सटीक जानकारी के साथ दावा करने पर टैक्स बचत का पूरा लाभ लिया जा सकता है।
Navyug Samachar