
नेशनल डेस्क: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच Cockroach Janta Party (CJP) के एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने बीजेपी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। पुणे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने आरोप लगाया कि बीजेपी अब उन राज्यों में भी चुनाव जीत रही है, जहां कथित ‘मोदी लहर’ के चरम पर भी पार्टी को सफलता नहीं मिली थी।
दीपके ने दावा किया कि चुनावी नतीजों में आया यह कथित बदलाव चुनावी संस्थाओं में हेरफेर की वजह से हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी उन राज्यों में जीत रही है, जहां मोदी लहर के चरम पर भी वह जीत नहीं पाई थी और ऐसा ज्ञानेश कुमार की वजह से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते और SIR पर रोक नहीं लगती, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि बीजेपी वास्तव में कितनी सीटें जीत सकती है।
‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक चुनाव में हिस्सा लेने का क्या मतलब’
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव के नतीजे पहले से तय होने जैसा होने का आरोप लगाया।
दीपके ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित नहीं होते, तब तक ऐसे चुनाव में हिस्सा लेने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि विजेता पहले से तय है।
हालांकि, दीपके के इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं रखा गया है। वहीं, चुनाव आयोग लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि चुनावी प्रक्रिया और SIR से जुड़े फैसले निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत लिए जा रहे हैं।
SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
दीपके की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक विवाद तेज है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि में मतदाता सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और आयोग की तकनीकी व्यवस्था से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 मौकों पर आपत्तियां या सवाल उठाए थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन घटनाओं को संस्थागत असहमति के तौर पर पेश किए जाने से इनकार किया है। आयोग के मुताबिक, ड्राफ्ट स्तर पर अधिकारियों और चुनाव आयुक्तों की ओर से सवाल, सुझाव और इनपुट देना सामान्य प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा है। ECI ने यह भी कहा है कि SIR के कार्यक्रम से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
पुणे में MPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन का ऐलान करते हुए महाराष्ट्र सरकार और MPSC पर भी निशाना साधा।
दीपके ने MPSC चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इन मामलों को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे हैं, क्योंकि उनका भविष्य सवालों में है। उनके मुताबिक, लगातार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं और सरकार इन लीक को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि CJP छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है और जब तक MPSC चेयरमैन इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
CJP ने चुनावी प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों को संस्थागत जवाबदेही से जोड़ने की कोशिश की है। अब SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद आगे किस दिशा में जाता है और विपक्षी दलों के साथ-साथ चुनाव आयोग इन आरोपों पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है, इस पर नजर रहेगी।
Navyug Samachar