
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में 28 जुलाई को होने वाली सुनवाई से पहले आरक्षण प्रभावित याची अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य सचिव एसपी गोयल को ईमेल भेजकर राहत की मांग की है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से अपील की है कि वह सुप्रीम कोर्ट में उनके पक्ष में याची लाभ देने का प्रस्ताव रखे। उनका कहना है कि सरकार की ओर से ऐसा कदम उठाए जाने पर लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म हो सकता है और प्रभावित उम्मीदवारों को न्याय मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार से प्रस्ताव रखने की मांग
आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याची लाभ का प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहिए। अभ्यर्थियों का दावा है कि इस कदम से मामले का स्थायी समाधान निकल सकता है और लंबे समय से संघर्ष कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिल सकती है।
28 जुलाई को होगी मामले की अहम सुनवाई
इस मामले में 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई से पहले अदालत ने वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को अपना लिखित पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया था।
पिछड़ा-दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार दोनों पक्षों को दो-दो पृष्ठ का लिखित पक्ष सोमवार तक जमा करना था। आरक्षण प्रभावित याची अभ्यर्थियों की ओर से याची लाभ की मांग के समर्थन में लिखित पक्ष अदालत में दाखिल कर दिया गया है।
भर्ती विवाद पर टिकी सभी की नजर
69000 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण विवाद में अब अगली सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों, सरकार और अन्य पक्षों की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि याची लाभ मिलने से मामले का समाधान निकाला जा सकता है।
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