Thursday , 13 August 2026

यूपी में वाहन मालिकों को बड़ी राहत, पुराने बकाये पर 35% छूट और पेनाल्टी पूरी तरह माफ; योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि हल्के व्यावसायिक वाहनों के पुराने बकाये पर 35 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जबकि पेनाल्टी को पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस कदम से वर्षों से लंबित कर बकाये की वसूली में तेजी आएगी और वाहन मालिकों को भी आर्थिक राहत मिलेगी।

8.48 लाख वाहनों पर 1852 करोड़ रुपये से अधिक बकाया

प्रदेश में 30 जनवरी 2026 से 7.5 टन तक के हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए वन टाइम टैक्स व्यवस्था लागू की गई है। इस श्रेणी में राज्यभर में करीब 29.15 लाख वाहन पंजीकृत हैं।

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इनमें से 8.48 लाख वाहनों पर कुल 1,852.96 करोड़ रुपये का बकाया है। इस राशि में 1,073.47 करोड़ रुपये मूल कर और 779.50 करोड़ रुपये पेनाल्टी के रूप में शामिल हैं।

दो महीने तक लागू रहेगी संशोधित ओटीएस योजना

कैबिनेट ने 30 जनवरी को जारी अधिसूचना में संशोधन को मंजूरी दे दी है। संशोधित एकमुश्त समाधान योजना अधिसूचना जारी होने की तारीख से केवल दो महीने तक प्रभावी रहेगी।

सरकार को उम्मीद है कि 35 प्रतिशत छूट और 100 प्रतिशत पेनाल्टी माफी के कारण अधिक से अधिक वाहन मालिक बकाया कर जमा कर योजना का लाभ उठाएंगे।

पहले की योजनाओं से नहीं मिली थी अपेक्षित सफलता

परिवहन विभाग ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 में भी विभिन्न श्रेणियों के व्यावसायिक वाहनों के लिए एकमुश्त शास्ति समाधान योजनाएं लागू की थीं। हालांकि इन योजनाओं से अपेक्षित स्तर पर राजस्व वसूली नहीं हो सकी थी।

इसी को देखते हुए सरकार ने इस बार ज्यादा आकर्षक राहत पैकेज देने का फैसला किया है, जिससे बकाया कर की वसूली में सुधार हो सके।

आगरा, बरेली और प्रयागराज के विकास के लिए 225 करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज के समग्र विकास के लिए पहली किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी करने को भी मंजूरी दी गई।

योजना के तहत भूमि अधिग्रहण पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्षों की अवधि के लिए उपलब्ध कराएगी। इस परियोजना के लिए कुल 355.06 करोड़ रुपये तक की राशि अनुमन्य की गई है।

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए शहरों के विकास के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान भी किया है।

झांसी में गो आश्रय स्थल और पशु चिकित्सालय के लिए एमओयू को मंजूरी

कैबिनेट ने झांसी की मोठ तहसील में गो आश्रय स्थल और आधुनिक पशु चिकित्सालय की स्थापना के लिए निजी संस्था ‘दया भावना फाउंडेशन सोनागिरी’ के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को भी मंजूरी दे दी।

इसके तहत पशुपालन विभाग की पांच एकड़ भूमि संस्था को उपलब्ध कराई जाएगी। संस्था यहां निराश्रित पशुओं के लिए गोशाला स्थापित करेगी और दुर्घटनाग्रस्त तथा घायल पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालय का निर्माण करेगी।

सरकार के अनुसार चिकित्सालय में पशुओं का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। साथ ही शेष भूमि पर हरे चारे का उत्पादन भी किया जाएगा। हालांकि भूमि का स्वामित्व पशुपालन विभाग के पास ही रहेगा।

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