Friday , 2 October 2026

लखनऊ लूटकांड में बड़ा खुलासा! 20 दिन की छुट्टी लेकर फरार हुआ CRPF दरोगा, चौकी इंचार्ज पर गिरी गाज

यूपी डेस्क: लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में निवेश के नाम पर हुई चर्चित लूट की घटना की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मामले में फरार चल रहे सीआरपीएफ के दरोगा जय प्रकाश सिंह को लेकर पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच के दौरान पता चला है कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य आपराधिक मामलों में भी मुकदमे दर्ज हैं। वहीं पूरे मामले में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के आरोपों के बीच कमता चौकी इंचार्ज मोहित कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, लूटकांड के खुलासे के बाद जय प्रकाश सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया तो उसके खिलाफ विभिन्न स्थानों पर दर्ज मामलों की जानकारी सामने आई। अब पुलिस संबंधित जिलों और थानों से संपर्क कर उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों का पूरा ब्योरा जुटाने में लगी है।

मामला बढ़ते ही छुट्टी लेकर हुआ गायब

जांच में यह भी सामने आया है कि 11 जून के बाद जब मामला तेजी से चर्चा में आया तो जय प्रकाश सिंह 13 जून को अपने कैंप पहुंचा और वहां से 20 दिन की छुट्टी लेकर चला गया। फिलहाल उसकी लोकेशन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छुट्टी लेने के बाद वह किन स्थानों पर गया और इस दौरान उसकी गतिविधियां क्या रहीं। साथ ही संबंधित विभाग से यह भी जानकारी मांगी जा रही है कि उसके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है या नहीं।

लापरवाही पर चौकी इंचार्ज निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए कमता चौकी इंचार्ज मोहित कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। चिनहट इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने मोहित कुमार को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच गोमतीनगर एसीपी को सौंपी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

गिरफ्तार सिपाही के उधार लेन-देन ने बढ़ाई जांच

मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार सिपाही पूरन सिंह को लेकर भी कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने बड़ी संख्या में लोगों से उधार लिया था, जिनमें अधिकांश पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, किसी से 50 हजार रुपये तो किसी से एक लाख रुपये तक उधार लिया गया था। शुरुआती जांच में यह भी चर्चा सामने आई है कि वह इन पैसों को कहीं निवेश करता था। कुछ लोगों ने उसके सट्टेबाजी से जुड़े होने की भी आशंका जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बर्खास्त पीएसी सिपाही भी निकला शामिल

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि लूटकांड में पीएसी का एक बर्खास्त सिपाही भी शामिल था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए ‘विनय’ नाम का इस्तेमाल किया था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह किस बटालियन में तैनात था और किन परिस्थितियों में उसे सेवा से बर्खास्त किया गया था। साथ ही उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

 

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