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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! SIT के निशाने पर कर्मचारी और बैंककर्मी, जांच में आ सकते हैं कई नए नाम

लखनऊ डेस्क : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की पड़ताल में अब कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, नकदी गिनती और धन प्रबंधन प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चढ़ावे की राशि की गिनती और उसके प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने वाले कई लोग अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर सके। टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, धन के प्रबंधन और कथित हेरफेर से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।

बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

एसआईटी की जांच केवल मंदिर कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में बताई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं धन के प्रबंधन और रिकॉर्ड प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संभावित कार्रवाई जांच के दौरान होगी या फिर अंतिम रिपोर्ट आने के बाद, लेकिन सूत्रों के मुताबिक कई स्तरों पर जवाबदेही तय करने की तैयारी चल रही है।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुई नियुक्तियों की भी हो रही समीक्षा

जांच टीम ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी है। मंदिर परिसर में वर्तमान समय में विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए लगभग 800 कर्मी तैनात हैं, जिनमें करीब 200 कर्मचारी ट्रस्ट की ओर से नियुक्त किए गए हैं।

एसआईटी यह भी जांच रही है कि विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी और किन स्तरों पर कमियां सामने आईं।

पुराने कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड

जांच एजेंसी ने मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की विस्तृत सूची मांगी है। कई ऐसे कर्मियों के नाम सामने आए हैं जो वर्षों से मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं।

एसआईटी उनकी तैनाती की अवधि, कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों से संबंधित सभी रिकॉर्ड जुटा रही है। जांच का दायरा अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, निगरानी तंत्र और संभावित लापरवाही की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं नए नाम

सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। एसआईटी फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।

चढ़ावा चोरी मामले पर अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में हुई कथित चढ़ावा, चंदा, दान और शिला चोरी की घटनाओं का असर श्रद्धालुओं की आस्था पर पड़ा है और इससे स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हुआ है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की प्रगति को लेकर नियमित जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि लोगों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए तथा अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों की भी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

 

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