Tuesday , 6 October 2026

‘छात्रों का गुस्सा शांत करने के लिए लाया गया बिल’, राज्यसभा में एंटी पेपर लीक कानून पर सरकार पर बरसे खड़गे, PM के बयान की मांग

नेशनल डेस्क: लोकसभा से पारित होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान नहीं, बल्कि छात्रों के गुस्से को शांत करने के उद्देश्य से लाया गया है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में आकर इस मुद्दे पर बयान देने की मांग भी की।

‘पुराने कानून में सिर्फ आंकड़े बदले गए’

चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से बड़ी संख्या में छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा है। उनके अनुसार नए संशोधन में ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, जिससे समस्या का प्रभावी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि कानून में भारी जुर्माना, कड़ी सजा, विशेष कार्यबल और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान जरूर जोड़े गए हैं, लेकिन इससे वास्तविक स्थिति में बदलाव नहीं आएगा।

‘युवाओं के आंदोलन को शांत करने के लिए लाया गया विधेयक’

खड़गे ने आरोप लगाया कि यह संशोधन विधेयक सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के आक्रोश को कम करने के उद्देश्य से लाया गया है, न कि पेपर लीक की समस्या को समाप्त करने के लिए। उन्होंने कहा कि जब छात्र आंदोलन कर रहे थे, तब सरकार ने उनसे संवाद करने के बजाय यह विधेयक पेश किया।

प्रधानमंत्री से संसद में बयान देने की मांग

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि राहुल गांधी वर्ष 2024 से लगातार पेपर लीक का मुद्दा उठा रहे हैं और विपक्ष छात्रों की समस्याओं को सदन में रखता रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय पर संसद में आकर अपना पक्ष रखें। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया।

‘संवाद की जगह छात्रों को मिली लाठी’

अपने संबोधन में खड़गे ने कहा कि छात्र सरकार से बातचीत चाहते थे, लेकिन उन्हें बल प्रयोग का सामना करना पड़ा। उन्होंने गृहमंत्री से इस पूरे मामले पर स्पष्ट रूप से जवाब देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनके स्वागत को लेकर भी सवाल उठाया और पूछा कि इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी।

चर्चा से पहले नड्डा और खड़गे में हुई तीखी बहस

विधेयक पर चर्चा शुरू होने से पहले राज्यसभा में नीट प्रदर्शन को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस भी हुई। इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है।

 

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