
यूपी डेस्क: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस अग्निकांड में 9 यात्रियों की मौत के बाद बस के संचालन को लेकर कई गंभीर जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि हादसे का शिकार हुई बस पर बिना परमिट, ओवरस्पीडिंग और बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने समेत कई उल्लंघनों के चालान बकाया थे। बस पर करीब 1.75 लाख रुपये के 19 चालान लंबित बताए गए हैं। इसके बावजूद बस का संचालन जारी रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में चिल्ला के पास कम उम्र के चालक द्वारा बस चलाने के मामले में कार्रवाई की गई थी। जून 2025 में फ्यूल चेंज और रेट्रोफिटिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन का भी मामला सामने आया था। बस की आरसी में उसका रंग काला दर्ज था, जबकि मौके पर बस पीली-सफेद रंग की पाई गई। परमिट और तकनीकी कमियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई होने के बावजूद बस सड़क पर चलती रही।
दिल्ली से महोबा जा रही बस में लगी थी भीषण आग
बीती रात ग्रेटर नोएडा के थाना जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर नई दिल्ली से महोबा जा रही बस संख्या BR32PA8647 में भीषण आग लग गई। शुरुआती जांच के अनुसार, बस के एसी में स्पार्क या ब्लास्ट होने के बाद आग इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल तक पहुंची और देखते ही देखते बस आग की चपेट में आ गई।
हादसे में 9 यात्रियों की जलने और दम घुटने से मौत हो गई। फायर सर्विस और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया और दर्जनों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यात्रियों ने बदबू आने पर बस रोकने को कहा, चालक पर लापरवाही का आरोप
बस में सवार शिकायतकर्ता सुनील कुमार के मुताबिक, हादसे के वक्त कई यात्री सो रहे थे। बस से बदबू आने के बाद यात्रियों ने चालक से वाहन रोकने के लिए कहा था। आरोप है कि चालक उस समय गुटखा, पान, बीड़ी और सिगरेट में व्यस्त था और यात्रियों की बात पर ध्यान नहीं दिया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब धुआं और आग तेजी से फैलने लगी, तब बस रोकी गई। आरोप है कि समय रहते बस को सड़क किनारे नहीं लगाने की वजह से अंदर फंसे 9 यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया।
बिना परमिट और ओवरस्पीडिंग के कई चालान
हादसे के बाद सामने आए रिकॉर्ड के मुताबिक, बस पर अलग-अलग नियमों के उल्लंघन को लेकर कई चालान किए गए थे। इनमें बिना परमिट वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग और बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने जैसे मामले शामिल हैं।
19 अगस्त को बिना परमिट के लिए 15,000 रुपये का चालान किया गया था।
19 जनवरी को 12,000 रुपये का चालान हुआ था।
14 मई को 10,500 रुपये का चालान किया गया था।
21 जुलाई को 10,000 रुपये का चालान हुआ था।
7 अप्रैल को एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीडिंग, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना यूनिफॉर्म के लिए 6,900 रुपये का चालान किया गया था।
1 मार्च को 5,000 रुपये का चालान हुआ था।
15 जून को 4,000 रुपये का चालान किया गया था।
21 फरवरी और 6 मई को 500-500 रुपये के चालान किए गए थे।
सीएम योगी ने मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया
हादसे का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। फिलहाल पुलिस मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया में जुटी है।
Navyug Samachar