चंडीगढ़: हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि किसी विपक्षी नेता को भगवान श्रीराम के दर्शन करने से रोकना और प्रशासनिक कदमों के जरिए उसकी आवाज दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में गंभीर आरोप सामने आए हैं, तो उनका जवाब विपक्ष को रोककर नहीं बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है, जिसे किसी भी परिस्थिति में सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मामले में कई गंभीर सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज के गायब होने की बात सामने आई है, जिससे पूरे प्रकरण पर संदेह और गहरा हो गया है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब तक कथित सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेने या उसकी विस्तृत जांच करने की दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया। उनके अनुसार, इससे जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
भूमि खरीद में अनियमितताओं के आरोपों का जिक्र
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि ट्रस्ट के लिए भूमि खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि अत्यधिक कीमत पर भूमि खरीदने संबंधी आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं होगा, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय भी होगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम के नाम पर जनता का भरोसा हासिल किया है, उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की। उनका कहना है कि इससे जांच की निष्पक्षता पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
उन्होंने कहा कि यदि लोगों का राम मंदिर ट्रस्ट पर विश्वास कमजोर पड़ रहा है, तो सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
राव नरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम देश की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान पारदर्शिता और न्याय के आधार पर होना चाहिए।
‘अजय राय को तुरंत रिहा किया जाए’
कांग्रेस नेता ने कहा कि अजय राय अयोध्या केवल भगवान श्रीराम के दर्शन करने और अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने के उद्देश्य से पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उन्हें होटल में ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।
उन्होंने मांग की कि अजय राय को तत्काल रिहा किया जाए, ताकि वे राम मंदिर जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर सकें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख सकें।
Navyug Samachar