
नेशनल डेस्क: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है। दोपहर 3 बजे मणिराम दास छावनी में आयोजित होने वाली इस बैठक को हालिया विवाद के बाद पहली औपचारिक बैठक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
ट्रस्ट की यह बैठक मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और भविष्य की कार्यप्रणाली के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के एजेंडे में कई संवेदनशील विषय शामिल किए गए हैं, जिन पर ट्रस्ट विस्तार से मंथन करेगा।
महासचिव और ट्रस्टी के इस्तीफों पर होगा फैसला
बैठक के सबसे प्रमुख एजेंडों में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर विचार शामिल है। हालिया घटनाक्रम के बाद पहली बार दोनों इस्तीफों को आधिकारिक एजेंडे में जगह दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफों पर चर्चा कर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय बैठक में होने वाले विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
एसआईटी पेश करेगी अंतरिम रिपोर्ट
बैठक की सूचना के अनुसार, दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना और उससे जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल अपनी अंतरिम रिपोर्ट ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर दान व्यवस्था, निगरानी तंत्र, लेखा प्रणाली और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता की आशंका को रोकने के लिए सुधारात्मक कदमों पर भी विचार होने की संभावना है।
आय-व्यय, ऑडिट और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी होगी चर्चा
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का ब्यौरा, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य वित्तीय प्रस्तावों की भी समीक्षा की जाएगी। ट्रस्ट इन दस्तावेजों पर चर्चा के बाद आवश्यक स्वीकृति देने पर विचार करेगा।
इसके अलावा मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने तथा रिक्त पदों पर नई नियुक्तियों से जुड़े विषय भी एजेंडे का हिस्सा हो सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जा सकती है।
बैठक की अध्यक्षता को लेकर बना हुआ है संशय
बैठक से पहले ट्रस्ट के सामने अध्यक्षता को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास इन दिनों लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन हैं। ऐसे में यदि वह स्वास्थ्य कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा, इसे लेकर ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस विषय पर भी बैठक के दौरान चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक की सूचना पर भी उठ रहे सवाल
बैठक की सूचना सार्वजनिक होने के बाद उसकी प्रक्रिया भी चर्चा का विषय बन गई है। सूचना पत्र में कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि का नाम दर्ज है, लेकिन उस पर हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर नहीं हैं। पत्र में केवल इतना उल्लेख किया गया है कि इसे ट्रस्ट अध्यक्ष की अनुमति से जारी किया गया है।
इससे पहले महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों से जुड़े पत्रों को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठे थे, क्योंकि वे भी बिना हस्ताक्षर के जारी किए गए थे।
अहम फैसलों पर टिकी देशभर की निगाहें
6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक को मौजूदा घटनाक्रम के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चढ़ावे से जुड़े विवाद, एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे, वित्तीय समीक्षा और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर होने वाला मंथन आगे ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और मंदिर प्रशासन की दिशा तय कर सकता है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बैठक पर टिकी है कि ट्रस्ट पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक सुधारों को लेकर क्या निर्णय लेता है।
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