
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद अंदरूनी कलह से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पार्टी के बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज कर दी है। ईडी ने यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की है।
ईडी के मुताबिक, यह मामला एविएशन कंपनी केयरवेल और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी के खातों में साल 2023 से 2026 के बीच करीब 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने से जुड़ा है। जांच एजेंसी अब इन लेनदेन में धोखाधड़ी के पहलू की जांच कर रही है।
ईडी की कार्रवाई पर TMC का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित, मनमानी और अवैध करार दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंक खातों में मौजूद धनराशि और चंदे से जुड़ी सभी जानकारियां चुनाव आयोग और आयकर विभाग को पहले से पारदर्शी तरीके से दी जाती रही हैं।
टीएमसी ने कहा कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की जानकारी हर साल चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाती है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी केंद्र सरकार के पास पहले से उपलब्ध है। ये बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक की ओर से जारी किए गए थे और बाद में इनका विवरण सुप्रीम कोर्ट को भी सौंपा गया था।
केंद्र पर एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप
टीएमसी ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं और निष्पक्ष राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए तय समान अवसर के सिद्धांत पर गंभीर हमला है।
पार्टी ने दावा किया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई विपक्षी दलों पर दबाव बनाने की कोशिश है।
पार्टी में नाम और चुनाव चिह्न को लेकर भी जारी है विवाद
ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर अंदरूनी संघर्ष चल रहा है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने पार्टी संगठन, नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया है।
बागी गुट की ओर से नेतृत्व विवाद का समाधान होने तक बैंक खातों से लेनदेन रोकने की मांग भी की गई थी। अब ईडी की कार्रवाई के बाद पार्टी के सामने एक और नई चुनौती खड़ी हो गई है।
Navyug Samachar