नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में लंबे समय से प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना को एक बार फिर प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। इस बार परियोजना की लागत बढ़कर 32.44 करोड़ रुपये हो गई है। करीब 3.2 किलोमीटर लंबी यह सड़क शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
3.2 किलोमीटर सड़क से जुड़ेगा प्रमुख रूट
यह प्रस्तावित फोरलेन सड़क कचहरी रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुलिस मॉडर्न स्कूल से शुरू होकर अंबेडकर चौराहा होते हुए जेल रोड तक जाएगी। इसके बाद यह मार्ग आरटीओ तिराहा, विकास भवन होते हुए मेडिकल कॉलेज के सामने बादशाह बाग तिराहे तक जुड़ेगा।
अंबेडकर चौराहे से आरटीओ ऑफिस तक का हिस्सा पहले से ही अत्यधिक व्यस्त माना जाता है, जहां रोजाना जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग थी।
पहले स्वीकृति के बाद अटका था प्रोजेक्ट
सूत्रों के अनुसार यह परियोजना पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत हुई थी, लेकिन समय पर काम शुरू न हो पाने और बजट समाप्ति के कारण इसे आगे बढ़ाया नहीं जा सका। अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी तेज हो गई है।
बजट बढ़कर 32.44 करोड़, कई विभागों का खर्च शामिल
अधिकारियों के अनुसार पहले इस परियोजना के लिए 23.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जो पर्याप्त नहीं थे। अब संशोधित बजट 32.44 करोड़ रुपये तय किया गया है।
परियोजना में कई अतिरिक्त खर्च भी शामिल किए गए हैं, जिनमें बिजली लाइन शिफ्टिंग के लिए 6.52 करोड़ रुपये, पेड़ों की कटाई के लिए 1.59 करोड़ रुपये, स्ट्रीट लाइट हटाने के लिए 18 लाख रुपये और पेयजल पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए 84 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
300 से अधिक पेड़ों की कटाई, बिजली ढांचे में बदलाव
सड़क चौड़ीकरण के लिए 300 से अधिक पेड़ों को हटाया जाएगा। इसके साथ ही बिजली के खंभों और लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य में बाधाएं दूर की जा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजना शुरू होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और मुख्य मार्गों पर लगने वाला जाम काफी हद तक कम हो जाएगा।
धौरहरा-पसका पुलिया निर्माण पर भी सख्ती
इसी बीच धौरहरा-पसका क्षेत्र में पुलिया निर्माण में देरी को लेकर लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। परियोजना में तय समय सीमा के चार महीने बाद भी एप्रोच रोड का काम पूरा नहीं हो सका है। मुख्य सचिव स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। विभागीय अधिकारियों ने इस पर अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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