Monday , 5 October 2026

गृहिणियों से डिलीवरी बॉय और कलाकार तक… CJP के संसद मार्च में कौन हैं प्रदर्शनकारी? जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ की पूरी तस्वीर

नेशनल डेस्क: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में अलग-अलग वर्गों के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। इस प्रदर्शन में गृहिणियां, छात्र, डिलीवरी एजेंट, शिक्षक, कलाकार, पेशेवर और आम नागरिक एक साथ नजर आए। प्रदर्शनकारियों की मांग शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी देखने को मिला।

समाज के अलग-अलग वर्गों की रही मौजूदगी

जंतर-मंतर पर रविवार शाम से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था, जो सोमवार सुबह तक बड़ी संख्या में बदल गया। प्रदर्शन में स्कूली छात्रों, अभिभावकों, कोचिंग शिक्षकों, निजी कंपनियों में कार्यरत युवाओं, गृहिणियों और विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद डटे रहे प्रदर्शनकारी

दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च निकालने या धरना जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस और CJP की टीम के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बावजूद विभिन्न राज्यों से पहुंचे लोग जंतर-मंतर पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा।

परिवार के साथ पहुंचीं गृहिणियां, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदर्शन में शामिल शाहदरा निवासी 42 वर्षीय दीपा अपने पति प्रह्लाद और तीन बच्चों के साथ जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर मिलने चाहिए। उनके अनुसार जब तक सभी छात्रों को बराबरी के संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक ऐसी समस्याएं बनी रहेंगी। वहीं उनका परिवार भी प्रदर्शन के दौरान सक्रिय रूप से मौजूद रहा।

कलाकार और पेशेवरों ने भी जताया समर्थन

मुंबई से पहुंचे थिएटर कलाकार और शिक्षक उजय ने बताया कि उन्हें इस प्रदर्शन की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उनका कहना था कि यदि किसी विभाग में गंभीर स्तर की अनियमितता होती है तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए। जयपुर से आए आर्किटेक्ट दुष्यंत ने भी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि युवा अब उन मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, जिन पर पहले पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी।

बरेली से पहुंचे डिलीवरी एजेंट भी बने आंदोलन का हिस्सा

उत्तर प्रदेश के बरेली से आए 19 वर्षीय डिलीवरी एजेंट नितिन, अनिल और रंजन भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका कहना था कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय किए जाने की मांग की।

लाठीचार्ज के बाद बढ़ा तनाव

दोपहर के समय बैरिकेड्स के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें घायल प्रदर्शनकारी दिखाई दिए। घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया और भगदड़ के बाद सड़क पर जूते-चप्पल बिखरे नजर आए।

 

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