
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने लखनऊ की महत्वाकांक्षी आईटी एवं एआई सिटी योजना समेत छह प्रमुख शहरों में विभिन्न श्रेणी के भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक आवेदक 29 जून तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे, जबकि 30 जून को ई-नीलामी आयोजित की जाएगी।
खास बात यह है कि परिषद ने लखनऊ की आईटी एवं एआई सिटी योजना में भूखंडों की आरक्षित दरों में संशोधन किया है, जिससे निवेशकों और कंपनियों के लिए यह परियोजना पहले के मुकाबले अधिक आकर्षक बन गई है।
लखनऊ की IT-AI सिटी पर विशेष फोकस
वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में प्रस्तावित आईटी एवं एआई सिटी को प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल किया गया है। लगभग 256 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस योजना का उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की कंपनियों के लिए एक बड़ा हब तैयार करना है।
परिषद के अनुसार, पहले इस योजना में भूखंडों की कीमत अधिक होने के कारण अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिल सके थे। समीक्षा के बाद परिषद ने भूखंडों की दरों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे दिसंबर 2025 में मंजूरी मिल गई थी।
कम किए गए भूखंडों के दाम
आईटी एवं एआई सिटी योजना में पहले आवासीय भूखंडों की दर 38 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के आधार पर डेढ़ गुना बढ़कर करीब 58 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच रही थी। अब इसमें संशोधन कर निवेशकों को राहत दी गई है।
परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, 10 एकड़ तक के आईटी भूखंडों की आरक्षित दर आवासीय दर के बराबर रखी गई है। इससे नई कंपनियों और निवेशकों को परियोजना में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
इन छह शहरों में भी होगी ई-नीलामी
लखनऊ के अलावा मेरठ, आगरा, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर में भी विभिन्न योजनाओं के तहत आवासीय, शैक्षणिक और अन्य गैर-आवासीय भूखंडों की ई-नीलामी की जा रही है।
परिषद का मानना है कि इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
एकल बोली वालों को मिलेगा दूसरा मौका
परिषद ने ई-नीलामी प्रक्रिया को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था भी की है। जिन संपत्तियों पर पहली ई-नीलामी में केवल एक ही बोली प्राप्त होगी, उनके लिए 2 जुलाई से 21 जुलाई तक दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद 22 जुलाई को पुनः ई-नीलामी आयोजित की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि बड़े आईटी निवेशकों के आने से न केवल परियोजना क्षेत्र का विकास तेज होगा, बल्कि आसपास के इलाकों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
Navyug Samachar