Tuesday , 6 October 2026

लखनऊ में गोमती का रौद्र रूप! रिवरफ्रंट की ‘फूड वैली’ बंद, फैजुल्लागंज में नाव से रेस्क्यू; हनुमान सेतु मंदिर में घुसा पानी

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. नदी का जलस्तर सामान्य से करीब आठ फीट ऊपर चढ़कर 108.14 मीटर के खतरनाक निशान तक पहुंच गया है. इसके चलते रिहायशी इलाकों के साथ धार्मिक स्थलों और गोमती रिवरफ्रंट के आसपास भी पानी फैल गया है. फैजुल्लागंज और बख्शी का तालाब के ग्रामीण इलाकों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं.

पानी का फैलाव बढ़ने के बाद हनुमंत धाम मंदिर यानी हनुमान सेतु मंदिर परिसर, प्राचीन शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास भारी जलभराव हो गया है. एहतियात के तौर पर गोमती रिवरफ्रंट स्थित ‘फूड वैली’ को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

हनुमान मंदिर में पहुंचा गोमती का पानी

प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर में भी गोमती नदी का पानी प्रवेश कर गया है. मंदिर के मुख्य पुरोहित विनोद तांगड़ी के मुताबिक, पानी मंदिर के अंदर पहुंच चुका है और मां गोमती श्री हनुमान जी के चरणों तक पहुंच गई हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति भयावह हो गई है. 2006-07 के बाद यह पहली बार है जब जलस्तर इस तरह बढ़ा है.

पुरोहित के अनुसार, गोमती के उफान से डाउनस्ट्रीम की करीब 20 से 25 फीसदी आबादी प्रभावित हुई है. जलस्तर अत्यधिक बढ़ने की स्थिति में परंपरा के अनुसार मंदिर के बाहर से ही पूजन-अर्चन करने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान हनुमान जी पर लाल चादर रखी जाएगी और दूर से ही भोग व आरती अर्पित की जाएगी.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंदिर के जलमग्न होने पर हनुमान जी ‘विश्राम अवस्था’ में चले जाते हैं और उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया जाता. पुरोहित ने बताया कि वर्ष 1956 से 1983-84 तक गोमती नदी हर साल हनुमान जी को स्नान कराती थी.

ग्रामीण इलाकों में 30 नावें तैनात

ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ का संकट बना हुआ है. बख्शी का तालाब तहसील के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ जैसे गांवों में पानी का स्तर थोड़ा जरूर गिरा है, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं.

प्रशासन ने ग्रामीणों की आवाजाही और राहत के लिए 30 नावें तैनात की हैं. इसके अलावा चार राहत शिविर और सहायता केंद्र बनाए गए हैं. यहां विस्थापित लोगों को सुरक्षित रखने के साथ भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

डीएम और पुलिस अधिकारियों ने नाव से किया निरीक्षण

हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएम विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने प्रभावित इलाकों का खुद निरीक्षण किया. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने नाव पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मौके पर राहत कार्यों की स्थिति जानी.

डीएम ने राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में मेडिकल किट और क्लोरीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है. वहीं पशुपालन विभाग की टीमें मवेशियों के लिए चारे-भूसे का इंतजाम करने के साथ बीमार पशुओं का इलाज भी कर रही हैं.

फैजुल्लागंज में नाव से पहुंच रहे अधिकारी

फैजुल्लागंज में भी स्थिति नाजुक बनी हुई है. डीएम विशाख जी ने नाव से प्रभावित इलाके में पहुंचकर परिवारों को ड्राई राशन किट बांटीं और उनकी परेशानियां सुनीं. दूसरी ओर, नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फैजुल्लागंज का दौरा कर ड्रेनेज, फॉगिंग और बचाव कार्यों की समीक्षा की.

नगर निगम की ओर से पंपसेट लगाकर रिहायशी इलाकों से पानी निकाला जा रहा है. मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए पहली बार ड्रोन के जरिए एंटी-लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन और राजस्व अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है.

 

Check Also

जनता दर्शन में CM योगी का बड़ा फरमान, बोले- पीड़ित दोबारा आया तो अफसर होंगे जिम्मेदार, कब्जेदारों पर होगी कड़ी कार्रवाई

यूपी डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन में दूरदराज …