
हेल्थ डेस्क : हार्ट अटैक का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के मन में सीने में तेज दर्द और अचानक गिर जाने की तस्वीर उभरती है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर हार्ट अटैक एक जैसा नहीं होता। कई मामलों में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें गैस, थकान या मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक से पहले शरीर कई तरह के संकेत देता है। इन संकेतों की समय पर पहचान जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बिना वजह सांस फूलना हो सकता है खतरे का संकेत
यदि बिना किसी भारी शारीरिक गतिविधि के सांस लेने में दिक्कत होने लगे या आराम की स्थिति में भी सांस फूलने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक, जब हृदय शरीर में पर्याप्त मात्रा में रक्त पंप नहीं कर पाता, तो फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है, जो हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।
सीने के बजाय इन अंगों में भी हो सकता है दर्द
हार्ट अटैक का दर्द हमेशा सीने तक सीमित नहीं रहता। कई बार दर्द गर्दन, कंधों, पीठ, जबड़े या हाथों तक फैल सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ लोग जबड़े या कंधे के दर्द को दांत या मांसपेशियों की समस्या समझ लेते हैं, जबकि यह हृदय से जुड़ी गंभीर चेतावनी भी हो सकती है।
लगातार थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाज
बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार थकान महसूस होना भी हार्ट अटैक का शुरुआती संकेत हो सकता है।
विशेष रूप से महिलाओं में हार्ट अटैक से पहले कई दिनों या हफ्तों तक असामान्य कमजोरी देखी जा सकती है। कई बार सामान्य दैनिक कार्य करना भी कठिन लगने लगता है।
अचानक ठंडा पसीना और चक्कर आना
अगर बिना गर्मी, तनाव या मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आने लगे, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है।
इसके साथ चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोशी जैसा एहसास होना हृदय तक रक्त प्रवाह में गड़बड़ी की ओर इशारा कर सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी जाती है।
गैस या अपच समझकर न टालें पेट की परेशानी
हार्ट अटैक के कुछ लक्षण पेट संबंधी समस्याओं जैसे लग सकते हैं। पेट के ऊपरी हिस्से में दबाव, जी मिचलाना, उल्टी या लगातार अपच जैसी शिकायत कई बार हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऐसी परेशानी बार-बार हो रही हो और सामान्य दवाओं से राहत न मिल रही हो, तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
ऐसे लक्षण दिखें तो क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक की आशंका होने पर समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसी स्थिति में स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने के बजाय तुरंत एम्बुलेंस या आपातकालीन सहायता बुलानी चाहिए।
घबराने के बजाय शांत रहने की कोशिश करें, क्योंकि अत्यधिक तनाव हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Navyug Samachar