
नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी से सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। लगातार विरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। आज संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने और उन पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे दिन का विधायी एजेंडा काफी अहम माना जा रहा है।
सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई थी। इसके बाद आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने थे। हालांकि, विपक्ष के तीखे विरोध और लगातार हो रहे व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ सकी।
लोकसभा में पेश होगा जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक
आज लोकसभा में उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े ‘उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पर विचार और उसे पारित कराने की योजना है। यह विधेयक ‘उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956’ में संशोधन के उद्देश्य से लाया गया है। इसके जरिए शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा, जिससे लंबित मामलों के जल्द निपटारे में सहायता मिलने की उम्मीद है।
राज्यसभा में दो अहम विधेयकों पर हो सकती है चर्चा
उधर, राज्यसभा में भी आज कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। कार्यसूची के अनुसार, ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर विचार और उसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इसके साथ ही ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर भी उच्च सदन में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार-विपक्ष आमने-सामने, 2 बजे की बैठक पर टिकी निगाहें
संसद के दोनों सदनों में सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाए हुए है। सुबह के सत्र में भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। अब सभी की नजरें दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं कि सदन सुचारु रूप से चल पाएगा या फिर गतिरोध जारी रहेगा।
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