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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू, 63 KM के सफर पर ₹285 टोल; प्रति किलोमीटर रेट में देश में सबसे महंगा बना

यूपी डेस्क: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मंगलवार सुबह से आम वाहनों के लिए खोल दिया गया है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर सकेंगे। हालांकि, तेज और आसान यात्रा के साथ इस एक्सप्रेसवे की टोल दर ने भी चर्चा बटोरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जारी दरों के मुताबिक, यह देश का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे बन गया है।

कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए 285 रुपये टोल देना होगा। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर यात्रा का खर्च करीब 4.52 रुपये आएगा, जो देश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे की तुलना में सबसे ज्यादा है।

प्रति किलोमीटर टोल में सबसे आगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर टोल दर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई बड़े एक्सप्रेसवे से ज्यादा है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की लंबाई 63 किलोमीटर है और कार टोल 285 रुपये है। इसका प्रति किलोमीटर टोल 4.52 रुपये है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 94 किलोमीटर के सफर के लिए 320 रुपये टोल लिया जाता है, जो करीब 3.39 रुपये प्रति किलोमीटर है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 91 किलोमीटर के लिए 295 रुपये टोल है। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 210 किलोमीटर के सफर के लिए 675 रुपये टोल निर्धारित है।

गंगा एक्सप्रेसवे पर 594 किलोमीटर के लिए 1515 रुपये, यमुना एक्सप्रेसवे पर 165 किलोमीटर के लिए 420 रुपये और मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग पर 701 किलोमीटर के लिए 1717 रुपये टोल लिया जाता है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 302 किलोमीटर के लिए 675 रुपये, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 296 किलोमीटर के लिए 635 रुपये और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 341 किलोमीटर के लिए 680 रुपये टोल देना होता है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग वाहनों का टोल

कार, जीप, वैन और हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 285 रुपये रखा गया है। एक दिन में वापसी के लिए यह शुल्क 425 रुपये होगा, जबकि मासिक पास की कीमत 9450 रुपये तय की गई है।

हल्के वाणिज्यिक वाहन और मिनी बस के लिए एक तरफ का टोल 460 रुपये, वापसी यात्रा का शुल्क 685 रुपये और मासिक पास 15270 रुपये होगा।

बस और दो एक्सल ट्रक के लिए एक तरफ का टोल 960 रुपये रखा गया है। तीन एक्सल वाहनों के लिए 1045 रुपये, चार से छह एक्सल वाहनों के लिए 1505 रुपये और सात या उससे अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए 1830 रुपये टोल देना होगा।

टोल प्लाजा की जगह चलते वाहन से होगी वसूली

एनएचएआई के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे छह लेन का पूरी तरह नियंत्रित प्रवेश वाला और बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे पर पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं बनाए गए हैं।

टोल वसूली के लिए आरएफआईडी और एएनपीआर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी वाहनों की पहचान चलते समय ही हो जाएगी और उसी आधार पर टोल राशि की गणना की जाएगी।

उन्नाव में विकसित होगा 132 हेक्टेयर का औद्योगिक कॉरिडोर

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से केवल यात्रा सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि उन्नाव क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उन्नाव के सोनिक क्षेत्र में 132 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 186 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

योजना के दूसरे चरण में इस कॉरिडोर का विस्तार करीब 316 हेक्टेयर तक करने की तैयारी है। यहां सड़क, बिजली, पानी, सीईटीपी, पेट्रोल पंप समेत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

प्रशासन के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से करीब एक लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

लखनऊ-कानपुर के बीच घटेगा यात्रा समय

एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच सफर पहले की तुलना में आसान और तेज होने की उम्मीद है। इससे दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उन्नाव क्षेत्र में उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। हालांकि, देश में सबसे ज्यादा प्रति किलोमीटर टोल दर होने के कारण वाहन चालकों के खर्च पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।

 

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