लखनऊ: अवध और रूहेलखंड के बीच आवागमन को तेज करने के लिए लखनऊ-सीतापुर-बरेली हाईवे (एनएच-30) को छह लेन करने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में लखनऊ से सीतापुर तक के 65 किलोमीटर हिस्से को छह लेन किया जाएगा। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया है और निर्माण के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए गए हैं।
पहले चरण में लखनऊ से सीतापुर तक का हिस्सा
लखनऊ से बरेली तक हाईवे की कुल लंबाई करीब 250 किलोमीटर है। पहले चरण में लखनऊ रिंग रोड से सीतापुर तक के 65 किलोमीटर मार्ग को मौजूदा चार लेन से बढ़ाकर छह लेन करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है।
एनएचएआई के सूत्रों के मुताबिक, आगे के चरण में सीतापुर से बरेली तक के हिस्से को भी परियोजना में शामिल किया जा सकता है। ऐसा होने पर सीतापुर के रास्ते लखनऊ से बरेली और दिल्ली तक आने-जाने में सुविधा बढ़ेगी।
1000 करोड़ रुपये आएगी लागत
लखनऊ से सीतापुर तक 65 किलोमीटर हाईवे को छह लेन करने पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एनएचएआई ने निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक गौतम विशाल चरण पहारी ने बताया कि टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इन टेंडरों को खोला जाएगा।
छह जिलों की आबादी को होगा सीधा फायदा
हाईवे के छह लेन होने से लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, शाहजहांपुर और बरेली जिलों की लाखों की आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। मार्ग के चौड़ीकरण से इन जिलों के बीच आवागमन सुगम होगा और लखनऊ से बरेली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
परियोजना के अगले चरण में सीतापुर से बरेली तक का हिस्सा शामिल किए जाने की स्थिति में लखनऊ से बरेली और आगे दिल्ली तक सड़क संपर्क और बेहतर होने की संभावना है।
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