Sunday , 13 September 2026

दिल्ली के मुकुंदपुर में सुबह-सुबह बड़ा हादसा, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद ढही इमारत; कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

नेशनल डेस्क : देश की राजधानी दिल्ली से मंगलवार सुबह एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। भलस्वा डेरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर इलाके में एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट होने के बाद एक इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और कुछ ही क्षणों में पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

धमाके के बाद मची अफरा-तफरी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे इलाके में जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक इमारत ढह चुकी थी। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी।

दिल्ली अग्निशमन विभाग के मुताबिक, सूचना मिलते ही पांच दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एलपीजी सिलेंडर फटने के कारण एक मंजिला मकान ढह गया।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी

दमकल विभाग, पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के भीतर और आसपास कई लोग मौजूद थे, जिससे चिंता और बढ़ गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

छह लोग घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि हादसे में अब तक छह लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। उनकी स्थिति को लेकर फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी जारी है और विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामने आएगी।

पुलिस के अनुसार, जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां बर्तन पॉलिश करने का कार्य भी किया जाता था। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

हाल के दिनों में दूसरा बड़ा भवन हादसा

गौरतलब है कि इससे पहले साकेत मेट्रो स्टेशन के पास भी एक बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना सामने आई थी। उस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य घायल हुए थे। उस घटना के बाद भी निर्माण सुरक्षा और भवन मानकों को लेकर कई सवाल उठे थे।

मुकुंदपुर हादसे के बाद एक बार फिर राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और गैस सिलेंडर से जुड़े सुरक्षा मानकों पर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

 

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