
यूपी डेस्क : मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु और आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग कर चुके अभिषेक मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड से कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, वित्तीय गतिविधियों और डिजिटल डेटा की गहन पड़ताल कर रही हैं।
मोबाइल में मिले कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी के मोबाइल फोन से कई युवतियों से जुड़े फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। इनमें कुछ वीडियो और तस्वीरें ऐसी भी बताई जा रही हैं, जिनकी जांच के बाद मामले में नए खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि ये वीडियो और तस्वीरें कब रिकॉर्ड की गईं और इनके पीछे की परिस्थितियां क्या थीं। डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
उच्च शिक्षित युवतियों से संपर्क के मिले संकेत
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के संपर्क में आने वाली कई युवतियां उच्च शिक्षित थीं। इनमें बीटेक, एमटेक और एमबीए जैसी पेशेवर डिग्री हासिल कर चुकी युवतियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी आध्यात्मिक प्रवचन और धार्मिक चर्चाओं के जरिए लोगों से जुड़ता था। धीरे-धीरे यह संपर्क गहरे भरोसे और व्यक्तिगत रिश्तों में बदलता गया। अब पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि युवतियां किस परिस्थिति में उसके प्रभाव में आईं और उसके साथ रहने के लिए गोवर्धन पहुंचीं।
आईआईटी की पढ़ाई और आध्यात्मिक छवि का करता था इस्तेमाल
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अभिषेक मिश्रा ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने ऑनलाइन माध्यमों पर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन देना शुरू किया।
पुलिस का मानना है कि उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, प्रभावशाली बातचीत और आध्यात्मिक छवि ने बड़ी संख्या में युवाओं को प्रभावित किया। इसी भरोसे के आधार पर वह लोगों के करीब पहुंचने में सफल रहा।
‘गंधर्व विवाह’ का दावा और दुष्कर्म का मामला
मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे यह विश्वास दिलाया कि दोनों का धार्मिक रूप से गंधर्व विवाह हो चुका है। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसी तरह के दावे अन्य युवतियों के सामने भी किए गए थे।
आर्थिक लेन-देन भी जांच के दायरे में
पुलिस केवल दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों को जानकारी मिली है कि समूह से जुड़े कुछ युवक-युवतियों के परिवारों से आर्थिक सहायता ली जाती थी।
अब बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
छह महीने पहले भी हुआ था विवाद
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले कुछ परिजन अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचे थे। उस दौरान विवाद की स्थिति बनी थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार एक समय वहां बड़ी संख्या में युवक-युवतियों का आना-जाना था। बाद में धीरे-धीरे अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर वास्तविक स्थिति समझने की कोशिश कर रही है।
रेस्क्यू किए गए युवाओं की कराई जा रही काउंसलिंग
पुलिस कार्रवाई के दौरान परिसर से दो युवतियों और एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि सभी की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की निगरानी में काउंसलिंग कराई जा रही है, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें।
जांच में खुल सकते हैं कई और राज
अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले की जांच मोबाइल डेटा, फोटो, वीडियो, कथित वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई पहलुओं पर जांच जारी है।
Navyug Samachar