
खेल डेस्क: घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेटों की झड़ी लगाने के बावजूद भारतीय टीम का दरवाजा नहीं खुल पाना धर्मेंद्रसिंह जडेजा के करियर की सबसे बड़ी पहेली बनी हुई है। 36 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर ने फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट को मिलाकर अब तक 609 विकेट हासिल किए हैं, लेकिन उन्हें भारतीय सीनियर टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला।
धर्मेंद्रसिंह जडेजा करीब 13 वर्षों तक सौराष्ट्र की गेंदबाजी का अहम हिस्सा रहे हैं। अब वह अपने करियर में नई शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर लिया है और आगामी घरेलू सत्र में छत्तीसगढ़ की तरफ से खेलते नजर आ सकते हैं।
धर्मेंद्रसिंह जडेजा का नाम सामने आते ही क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान रवींद्र जडेजा की ओर जाना स्वाभाविक है। दोनों सौराष्ट्र से आते हैं और दोनों बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते हैं, लेकिन उनके बीच कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। रवींद्र जडेजा ने जहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई, वहीं धर्मेंद्रसिंह जडेजा का करियर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद राष्ट्रीय टीम से दूर रहा।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 423 विकेट
धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने 100 फर्स्ट क्लास मैचों में 26.25 की औसत से 423 विकेट लिए हैं। वह 26 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने सात बार एक मैच में 10 या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 7 विकेट पर 32 रन रहा है। उनके आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट खेलने वाले गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि लगातार विकेट लेने की क्षमता रखने वाले सौराष्ट्र के प्रमुख गेंदबाजों में रहे हैं।
रणजी ट्रॉफी में भी रहा शानदार रिकॉर्ड
2017-18 सत्र से अब तक धर्मेंद्रसिंह जडेजा रणजी ट्रॉफी में 293 विकेट हासिल कर चुके हैं। इस अवधि में किसी भी गेंदबाज ने उनसे ज्यादा विकेट नहीं लिए हैं। इसके बावजूद वह भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह नहीं बना सके।
राष्ट्रीय टीम में उस दौरान रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे स्पिन गेंदबाज मौजूद रहे। ऐसे में भारतीय टीम में स्पिन गेंदबाजी के विकल्पों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रही और धर्मेंद्रसिंह जडेजा को मौका नहीं मिल सका।
गेंद से ही नहीं, बल्ले से भी दमदार
धर्मेंद्रसिंह जडेजा का प्रदर्शन केवल फर्स्ट क्लास क्रिकेट तक सीमित नहीं है। उन्होंने 90 लिस्ट-ए मैचों में 28.33 की औसत से 121 विकेट लिए हैं। इस प्रारूप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7 विकेट पर 10 रन रहा है।
टी20 क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 73 मुकाबलों में 24.92 की औसत से 65 विकेट हासिल किए हैं।
बल्लेबाजी में भी धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने उपयोगी योगदान दिया है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 2123 रन हैं, जिसमें सात अर्धशतक शामिल हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 566 रन बनाए हैं, जबकि टी20 क्रिकेट में उनके नाम 208 रन दर्ज हैं।
सौराष्ट्र से अलग होने की क्या रही वजह?
नए घरेलू सत्र से पहले धर्मेंद्रसिंह जडेजा के भविष्य को लेकर सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन, टीम प्रबंधन और खिलाड़ी के बीच बातचीत हुई थी। चर्चा मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी भूमिका को लेकर थी।
टीम प्रबंधन चाहता था कि अनुभवी स्पिनर मुख्य रूप से रेड बॉल क्रिकेट पर ध्यान दें। वहीं धर्मेंद्रसिंह जडेजा वनडे और टी20 प्रारूप में भी खेलना चाहते थे। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं में अंतर सामने आया।
सौराष्ट्र की रणजी विजेता टीम का हिस्सा रहे
धर्मेंद्रसिंह जडेजा उस सौराष्ट्र टीम के अहम सदस्य रहे हैं, जिसने घरेलू क्रिकेट में बड़ी सफलता हासिल की। वह 2019-20 और 2022-23 सत्र में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली सौराष्ट्र टीम का हिस्सा थे।
अब सौराष्ट्र के साथ उनका लंबा सफर समाप्त हो गया है। सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने उनके फैसले पर उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
धर्मेंद्रसिंह जडेजा अब छत्तीसगढ़ के लिए नई चुनौती स्वीकार करने की तैयारी में हैं। हालांकि, उनके करियर से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम है। 100 फर्स्ट क्लास मैच, रणजी ट्रॉफी में लगातार शानदार प्रदर्शन और 600 से ज्यादा विकेट हासिल करने के बावजूद क्या भारतीय टीम के चयनकर्ताओं की नजर कभी धर्मेंद्रसिंह जडेजा पर पड़ेगी?
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