नेशनल डेस्क: संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने दोनों सदनों में अपनी संख्या मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है। सरकार संविधान संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में जुटी है। इस बार महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम प्रस्ताव सरकार की प्राथमिकता में बताए जा रहे हैं। पिछले बजट सत्र में लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण यह पहल आगे नहीं बढ़ सकी थी, लेकिन अब नए सहयोगियों के जुड़ने के बाद सरकार अपनी स्थिति पहले से अधिक मजबूत मान रही है।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बनी सत्र की रणनीति
मानसून सत्र के एजेंडे और रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अहम अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, ललन सिंह, के. राम मोहन नायडू, किरेन रिजिजू और अर्जुनराम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में संसद के भीतर सरकार की रणनीति और विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक के बाद सरकार के एक वरिष्ठ नेता ने इसे मंत्रियों के समूह की अनौपचारिक चर्चा बताया।
कांग्रेस और सपा को छोड़ अन्य दलों से संपर्क
सूत्रों के अनुसार, दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को छोड़कर अन्य छोटे-बड़े राजनीतिक दलों से संपर्क साधा है। साथ ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों के नए दल में विलय और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के बागी सांसदों के मूल शिवसेना में शामिल होने की प्रक्रिया को भी लोकसभा अध्यक्ष से शनिवार को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इससे संसद में सरकार की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे 7 महत्वपूर्ण विधेयक
सरकार ने संकेत दिए हैं कि सत्र की शुरुआत में हाल ही में जारी अध्यादेशों को कानून का रूप देने के लिए संबंधित विधेयक पेश किए जाएंगे। इसके बाद पांच नए विधेयक संसद में लाने की तैयारी है। इनमें इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 और एमएसएमई विकास संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं। इसके अलावा विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को भी आगे बढ़ाया जाएगा, जिसे 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था।
21 जुलाई को होगी एनडीए संसदीय दल की विशेष बैठक
मानसून सत्र के दौरान समन्वय और रणनीति को मजबूत करने के लिए 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक को सरकार ने ‘मंगल मिलन’ नाम दिया है। परंपरा के अनुसार संसद सत्र के दौरान एनडीए सांसदों की बैठक मंगलवार को आयोजित की जाती रही है। इस बार भी सभी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
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