
नेशनल डेस्क: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में एक और बड़ा मोड़ सामने आया है। अब पुलिस की जांच का दायरा मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल तक पहुंच गया है। जांच एजेंसी ने साहिल से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसे सिया गोयल और चेतन चौधरी के कथित रिश्ते की पहले से जानकारी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यदि उसे इस संबंध की जानकारी थी तो उसने यह बात परिवार के अन्य सदस्यों से क्यों छिपाई।
भाई के बयान को जांच में अहम कड़ी मान रही पुलिस
जांच अधिकारियों का मानना है कि साहिल गोयल का बयान पूरे मामले की कई अहम कड़ियों को जोड़ सकता है। पुलिस उससे यह जानने की कोशिश कर रही है कि परिवार के भीतर सिया की मानसिक स्थिति कैसी थी, क्या उसके और चेतन चौधरी के संबंधों को लेकर कभी कोई चर्चा हुई थी और केतन अग्रवाल से तय शादी को लेकर उसके मन में क्या चल रहा था।
क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी थी जानकारी?
पुलिस के हाथ कुछ तकनीकी साक्ष्य और अन्य इनपुट लगे हैं, जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि साहिल अपनी बहन और चेतन के बीच लगातार हो रही मुलाकातों और बातचीत से परिचित था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी और यदि थी तो इस पर समय रहते कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
पुलिस के सामने आरोपियों ने कबूला जुर्म
पुलिस के अनुसार, हिरासत में मौजूद सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश स्वीकार की है। जांच में सामने आया कि 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर ले जाने से पहले पूरी योजना बनाई गई थी। पुलिस का दावा है कि तय योजना के अनुसार सिया ने संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने पीछे से आकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया।
शुरुआत में जांच को भटकाने की कोशिश
जांच अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद दोनों आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में अलग-अलग बयान देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। चेतन चौधरी ने पहले घटना स्थल पर अपनी भूमिका से इनकार किया था। हालांकि, मोबाइल फोन की लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य डिजिटल सबूत सामने आने के बाद दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
भागने के बजाय हत्या की साजिश रचने का दावा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि यदि वे घर से भागकर शादी करते तो दोनों परिवारों की सामाजिक बदनामी होती। इसी वजह से उन्होंने केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच एजेंसी का मानना है कि यह घटना पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी।
दो बार पहले भी बनाई गई थी हत्या की योजना
जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून की घटना पहली कोशिश नहीं थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी इससे पहले भी दो बार केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर ले गए थे, लेकिन दोनों बार परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सका। अब इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है।
नवंबर में तय थी शादी, परिवार कर रहा था तैयारियां
जांच के दौरान सामने आया कि केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई हो चुकी थी और दोनों परिवार नवंबर में उदयपुर में शादी की तैयारी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी, लेकिन उसने परिवार के सामने कभी अपनी आपत्ति जाहिर नहीं की।
माता-पिता के बयानों से भी जुड़े नए सवाल
मामले के बीच सिया के पिता ने कहा है कि यदि उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए। वहीं, उसकी मां ने बताया कि परिवार को सिया और चेतन के रिश्ते की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि शादी से पहले कई बार बेटी से उसकी सहमति पूछी गई थी और हर बार उसने शादी के लिए हामी भरी थी।
पुलिस अब परिवार के सभी बयानों, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आई जानकारियों का मिलान कर रही है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे की पूछताछ के बाद कई नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
Navyug Samachar