नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि दोनों गुट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं तो पहले उन्हें आपस में विलय करना होगा। बताया जा रहा है कि शरद पवार गुट को अलग से एनडीए में शामिल करने के पक्ष में भाजपा नहीं है।
परिसीमन विधेयक बना रणनीति का केंद्र
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की इस रणनीति के पीछे परिसीमन विधेयक को लेकर संसद में समर्थन जुटाने की कवायद प्रमुख वजह मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि एनसीपी (शरद पवार गुट) का इस विधेयक पर रुख अपेक्षाकृत नरम है और वह समर्थन दे सकता है। इस गुट के पास लोकसभा के आठ और राज्यसभा का एक सांसद है। ऐसे में इन नौ सांसदों का समर्थन सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विलय के बाद प्रतिनिधित्व का भी फॉर्मूला
सूत्रों का कहना है कि यदि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होता है, तो उसके बाद दोनों पक्षों को प्रतिनिधित्व देने के तहत एक-एक मंत्री पद दिए जाने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि एनसीपी का भाजपा में विलय नहीं होगा।
समर्थन की चर्चाओं के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (शरद पवार गुट) के संभावित समर्थन को लेकर चल रही चर्चाओं से सुनेत्रा पवार असहज बताई जा रही हैं। हाल ही में शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात के बाद इन अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है।
संजय राउत ने भी दी प्रतिक्रिया
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एनसीपी के संभावित विलय की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से इस तरह की बातें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल लगातार ऐसे दावों से इनकार करते रहे हैं और उन्हें दोनों नेताओं पर भरोसा है।
कर्ज माफी पर भी बोले शरद पवार
बारामती में शरद पवार ने किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने नई समयसीमा घोषित की है और अब वे उसके पूरा होने का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज से राहत दिलाना उनकी प्राथमिकता है। यदि सरकार अपने वादे के अनुसार कर्ज माफी लागू नहीं करती है तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
एनसीपी में संभावित फूट और विलय की अटकलों पर शरद पवार ने कहा कि फिलहाल इस विषय पर चर्चा करने का समय नहीं है।
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