Wednesday , 9 September 2026

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, EMI पर नहीं पड़ेगा असर; RBI ने महंगाई और GDP अनुमान भी रखा स्थिर

बिजनेस डेस्क: देश के करोड़ों लोनधारकों के लिए राहत भरी खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है, जिससे लोन की ईएमआई में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के बाद यह ऐलान करते हुए साफ किया कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव जरूरी नहीं समझा गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई केंद्रीय बैंक जहां दरें बढ़ा रहे हैं, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

लोनधारकों को राहत, EMI रहेगी स्थिर

रेपो रेट में बदलाव न होने का सीधा फायदा होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों को मिलेगा। ब्याज दरों में स्थिरता के चलते ईएमआई में फिलहाल किसी तरह का दबाव नहीं बढ़ेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है।

महंगाई और GDP अनुमान पर भी RBI का रुख स्थिर

आरबीआई ने मौजूदा आर्थिक संकेतकों को देखते हुए महंगाई और विकास दर के अनुमान में भी बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 प्रतिशत रखा गया है, जो पहले के अनुमान से अधिक है।

गवर्नर ने बताया कि तिमाही आधार पर महंगाई में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिसमें पहली तिमाही में 4.2 प्रतिशत, दूसरी में 5.1 प्रतिशत, तीसरी में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

जीडीपी ग्रोथ अनुमान में हल्की कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए रीयल जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। तिमाही अनुमानों में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि अर्थव्यवस्था की समग्र स्थिति को स्थिर बताया गया है।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, सप्लाई चेन में बाधाएं और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में बना हुआ है और वित्तीय प्रणाली स्थिर है।

महंगाई पर निगरानी जारी

गवर्नर ने चेतावनी दी कि मानसून में देरी और अल नीनो जैसी स्थितियों से महंगाई पर असर पड़ सकता है, हालांकि फिलहाल यह तय सीमा के भीतर बनी हुई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि ईंधन महंगाई स्थिर है।

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