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प्रेगनेंसी में सिर्फ फोलिक एसिड नहीं, ये 7 पोषक तत्व भी हैं बेहद जरूरी! एक्सपर्ट ने बताई पूरी डाइट गाइड

हेल्थ डेस्क: गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक अहम चरण होता है। इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं और मां के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु के स्वस्थ विकास के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी हो जाता है। आमतौर पर प्रेगनेंसी की योजना बनाते समय फोलिक एसिड पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके अलावा भी कई ऐसे पोषक तत्व हैं, जिनकी पर्याप्त मात्रा स्वस्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान महिला का शरीर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक काम करता है। शिशु का विकास, मां की ऊर्जा, पर्याप्त रक्त निर्माण, हड्डियों की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी हद तक सही पोषण पर निर्भर करती है। हालांकि हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है, लेकिन कुछ पोषक तत्व ऐसे हैं जिनकी जरूरत लगभग हर गर्भवती महिला को होती है।

फोलिक एसिड: शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ के विकास के लिए जरूरी

गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में फोलिक एसिड सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में शामिल है। यह शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही विकास में मदद करता है। यही वजह है कि डॉक्टर गर्भधारण की योजना बनाते समय से ही फोलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ इसके अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

आयरन: खून की कमी से बचाने में मददगार

प्रेगनेंसी के दौरान मां और शिशु दोनों के लिए अधिक रक्त की आवश्यकता होती है। आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी से एनीमिया, कमजोरी और लगातार थकान की समस्या हो सकती है। पालक, गुड़, अंडा, चिकन और मछली आयरन के अच्छे स्रोत हैं।

कैल्शियम: मां और शिशु दोनों की हड्डियों के लिए अहम

कैल्शियम शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही यह मां की हड्डियों को भी मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। यदि शरीर में पर्याप्त कैल्शियम नहीं होता, तो शिशु की जरूरत पूरी करने के लिए मां की हड्डियों से कैल्शियम लिया जा सकता है। दूध, दही, पनीर, रागी और हरी सब्जियां इसके प्रमुख स्रोत हैं।

विटामिन D: कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। यह हड्डियों की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी जरूरी माना जाता है। धूप इसका प्राकृतिक स्रोत है, जबकि अंडा, फोर्टिफाइड दूध और फैटी फिश के जरिए भी इसकी पूर्ति की जा सकती है।

प्रोटीन: शिशु के विकास में निभाता है अहम भूमिका

प्रोटीन शिशु के अंगों, मांसपेशियों और शरीर के अन्य हिस्सों के विकास के लिए आवश्यक है। यह गर्भावस्था के दौरान मां के शरीर में होने वाले बदलावों को भी सहारा देता है। दाल, अंकुरित अनाज, पनीर, अंडा, मेवे और बीज प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

ओमेगा-3: दिमाग और आंखों के विकास के लिए फायदेमंद

ओमेगा-3 फैटी एसिड, विशेष रूप से डीएचए, शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अखरोट, चिया सीड्स और कम पारे वाली मछलियां इसके अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी महिलाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट का उपयोग कर सकती हैं।

आयोडीन: थायरॉयड और मस्तिष्क के लिए आवश्यक

आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, जो शिशु के मस्तिष्क के विकास के लिए बेहद जरूरी है। आयोडीन युक्त नमक, दूध से बने उत्पाद और अंडा इसके प्रमुख स्रोत हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने का मतलब केवल अधिक भोजन करना नहीं, बल्कि संतुलित और पोषक आहार लेना है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डॉक्टर के निर्देशानुसार आवश्यक सप्लीमेंट समय पर लें और रोजाना के भोजन में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें, ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।

 

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