
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। तीन मंजिला इमारत में लगी आग में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में बड़ी संख्या उन बच्चों और कर्मचारियों की बताई जा रही है, जो इमारत की ऊपरी मंजिल पर संचालित एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र में मौजूद थे। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर सीधे लखनऊ पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
शवों को देखकर भावुक हुए डिप्टी सीएम
घटना की जानकारी मिलते ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक दोपहर से ही मौके पर डटे रहे। बचाव अभियान पूरा होने के बाद जब मृतकों के शव बाहर निकाले गए तो वह भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य समाप्त कर लिया गया है तथा इमारत के सभी कमरों की जांच कर ली गई है। उनके अनुसार हादसे में 14 बच्चों की जान गई है और चार बच्चे घायल हुए हैं।
केजीएमयू भेजे गए मृतक और घायल
हादसे के बाद मृतकों और घायलों को केजीएमयू अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 13 शव अस्पताल लाए गए हैं, जबकि पांच घायलों का उपचार जारी है। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। मृतकों की पहचान और अंतिम संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
जान बचाने के लिए छत से कूदे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग और धुएं ने कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। जान बचाने के लिए कई लोगों को छत से छलांग लगानी पड़ी, जबकि करीब 15 लोग सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकलने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग के दौरान अंदर फंसे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल था और हर कोई बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।
एनिमेशन सेंटर में मौजूद थे छात्र और कर्मचारी
बताया जा रहा है कि इमारत की दूसरी मंजिल पर वीडियो गेम और एनिमेशन से जुड़ा प्रशिक्षण एवं कार्य केंद्र संचालित होता था। यहां पेशेवर काम के साथ-साथ बच्चों को प्रशिक्षण भी दिया जाता था। गर्मी की छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में छात्र वहां मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों में अधिकांश कर्मचारी और प्रशिक्षण लेने वाले छात्र शामिल हैं।
पहली मंजिल से शुरू हुई आग की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत के भूतल पर एक पालतू पशु दुकान और क्लिनिक संचालित है, जबकि पहली मंजिल पर एक कार्यालय था। घटनास्थल के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आग पहली मंजिल से शुरू हुई और देखते ही देखते दूसरी मंजिल तक फैल गई। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण और इसकी शुरुआत कहां से हुई, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
दीवार तोड़कर अंदर पहुंची बचाव टीम
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घना धुआं और तेज लपटों के कारण मुख्य रास्ते से अंदर जाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में बचाव दल को इमारत की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। लंबे समय तक चले अभियान के बाद आग पर काबू पाया गया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
अलीगढ़ से सीधे लखनऊ पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अपना अलीगढ़ कार्यक्रम बीच में छोड़ा और तत्काल लखनऊ लौट आए। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और पूरे मामले की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिलाया।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
Navyug Samachar