Thursday , 10 September 2026

दतिया उपचुनाव में बढ़ी सियासी हलचल! कांग्रेस नेता अवधेश नायक के घर पहुंचे बीजेपी प्रत्याशी और मंत्री, तेज हुई अटकलें

मध्य प्रदेश डेस्क: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद नाराज बताए जा रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक को लेकर नया सियासी घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की उनसे लगातार हो रही मुलाकातों ने चुनावी माहौल में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

बीजेपी प्रत्याशी और मंत्री ने की मुलाकात

मंगलवार सुबह भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अवधेश नायक के निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद देर रात मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला भी उनके घर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई।

हालांकि, अवधेश नायक ने भाजपा नेताओं से हुई इन मुलाकातों को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया है और किसी भी राजनीतिक फैसले या दल बदल की अटकलों से इनकार किया है।

कांग्रेस टिकट नहीं मिलने के बाद बढ़ीं चर्चाएं

दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक को कांग्रेस का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाने के बजाय पूर्व विधायक कुंवर घनश्याम सिंह को टिकट दिया। इसके बाद से उनके नाराज होने की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं।

इस बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों के उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं, जिसके बाद चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

असंतुष्ट नेताओं पर बीजेपी की नजर

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस उपचुनाव में कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। अवधेश नायक से लगातार हो रही मुलाकातों को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, टिकट वितरण के बाद अवधेश नायक के समर्थकों में भी नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। हालात संभालने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उनके घर पहुंचे थे और उनसे पार्टी में बने रहने की अपील की थी।

आरएसएस से कांग्रेस तक रहा राजनीतिक सफर

अवधेश नायक का राजनीतिक सफर कई चरणों से होकर गुजरा है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की और वर्ष 1993 में भाजपा की सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वह दतिया नगर पालिका के पार्षद रहे और विधानसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि जीत हासिल नहीं कर सके।

इसके बाद वह उमा भारती की पार्टी से जुड़े और फिर दोबारा भाजपा में लौटे। वर्ष 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। अब भाजपा नेताओं की उनसे बढ़ती मुलाकातों ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर तेज कर दिया है।

उपचुनाव में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण

दतिया विधानसभा उपचुनाव में अवधेश नायक की अगली राजनीतिक रणनीति पर सभी दलों की नजर बनी हुई है। यदि वह कांग्रेस में बने रहते हैं तो पार्टी को मजबूती मिल सकती है, जबकि भाजपा के साथ किसी भी संभावित राजनीतिक नजदीकी का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों प्रमुख दल चुनाव प्रचार के साथ-साथ संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर भी अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।

 

Check Also

CM विजय का बड़ा ऐलान, स्वास्थ्य बीमा कवर 5 लाख से बढ़कर 25 लाख, 7 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी खुलेंगे

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और डेयरी क्षेत्र से जुड़े कई बड़े …