
नेशनल डेस्क: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारतीय रेलवे में भोजन की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों की संख्या नगण्य है। उन्होंने बताया कि रेलवे हर वर्ष करीब 58 करोड़ भोजन परोसता है और खाने की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों की संख्या इसके मुकाबले बेहद कम है।
तीन साल में 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना
लोकसभा में दिए गए एक लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से संबंधित शिकायतों पर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई है।
इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पांच करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 54 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और छह अनुबंध समाप्त किए गए। नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारकों पर प्रतिबंध की कार्रवाई भी की गई।
खाने की गुणवत्ता पर नियमित और औचक जांच
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए रेलवे, आईआरसीटीसी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से नियमित निरीक्षण किए जाते हैं। इसके साथ ही समय-समय पर औचक जांच भी की जाती है।
इन निरीक्षणों का उद्देश्य भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा के साथ-साथ संबंधित नियामकीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
पेंट्री में सीसीटीवी से रखी जा रही नजर
रेल मंत्री ने बताया कि भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी को और बेहतर बनाने के लिए पेंट्री में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए भोजन तैयार करने की प्रक्रिया पर वास्तविक समय में नजर रखने की व्यवस्था की गई है।
रेलवे का कहना है कि इस निगरानी व्यवस्था से भोजन तैयार करने के दौरान गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी मानकों के पालन को सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
Navyug Samachar