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पी डेस्क: उत्तर प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप लगातार देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई भारी बारिश और उससे जुड़े हादसों में 14 लोगों की मौत हो गई। बिजली गिरने, मकान और दीवार ढहने, पेड़ गिरने तथा तेज बहाव जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने 11 जुलाई के लिए भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
24 घंटे में 14 लोगों की मौत
लगातार हो रही बारिश के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों से दर्दनाक हादसों की खबरें सामने आई हैं। बिजली गिरने, मकान और दीवार ढहने, पेड़ गिरने तथा तेज पानी के बहाव में बहने जैसी घटनाओं में 14 लोगों की जान चली गई। प्रभावित इलाकों में प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
11 जुलाई के लिए भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव और बाढ़ जैसे हालात से बढ़ी मुश्किलें
लगातार बारिश के चलते कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में भी बारिश का असर
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड में भी लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन ने जारी की जरूरी सलाह
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने, जलभराव वाले रास्तों से बचने, बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने तथा बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या राहत दल से संपर्क करने की सलाह भी दी गई है।
अभी राहत मिलने के संकेत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।
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