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PM मोदी से मिली थी सराहना, विवादों से भी रहा नाता; अब केरल पुलिस के नए ‘लॉ एंड ऑर्डर’ चीफ बने पी. विजयन

तिरुवनंतपुरम डेस्क: केरल में प्रशासनिक फेरबदल के बीच पुलिस विभाग में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार ने एडीजीपी से लेकर जिला पुलिस प्रमुख स्तर तक 30 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी पी. विजयन की हो रही है, जिन्हें अब एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

केरल पुलिस के प्रभावशाली पद पर मिली तैनाती

पी. विजयन को राज्य पुलिस व्यवस्था के सबसे अहम पदों में से एक माना जाने वाला कानून एवं व्यवस्था एडीजीपी बनाया गया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

‘मन की बात’ में हुआ था जिक्र

पी. विजयन राष्ट्रीय स्तर पर उस समय सुर्खियों में आए थे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उनके कार्यों की सराहना की थी। प्रधानमंत्री ने सबरीमाला मंदिर से जुड़े तीर्थयात्रा अभियान के संचालन और उससे जुड़े प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उनका उल्लेख किया था। इसके बाद विजयन का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।

निलंबन के बाद फिर हुई थी वापसी

हालांकि पी. विजयन का प्रशासनिक सफर केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। केरल में एलडीएफ सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्हें एक विवादित मामले में निलंबित भी किया गया था। मामला एलाथुर ट्रेन आगजनी कांड से जुड़ा था, जिसमें उन पर आरोपी की आवाजाही संबंधी जानकारी मीडिया तक पहुंचाने का आरोप लगा था।

रिपोर्ट में लगाए गए थे गंभीर आरोप

मई 2023 में तत्कालीन कानून एवं व्यवस्था एडीजीपी एम. आर. अजीत कुमार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उस समय एंटी टेररिस्ट स्क्वाड के प्रमुख रहे पी. विजयन ने आरोपी शाहरुख सैफी को केरल लाने की पुलिस टीम की योजना से जुड़ी जानकारी लीक की थी। शाहरुख सैफी को महाराष्ट्र के रत्नागिरी से गिरफ्तार किया गया था और सड़क मार्ग से कोझिकोड लाया गया था।

छह महीने निलंबन के बाद बहाल हुए

रिपोर्ट के आधार पर पी. विजयन को निलंबित कर दिया गया था और वह करीब छह महीने तक सेवा से बाहर रहे। बाद में मुख्य सचिव की सिफारिश पर उनका निलंबन रद्द कर दिया गया और उन्हें दोबारा सेवा में बहाल कर दिया गया। बहाली के बाद उन्हें एडीजीपी पद पर पदोन्नति मिली और आगे चलकर केरल पुलिस अकादमी का निदेशक भी नियुक्त किया गया।

अब संभालेंगे कानून-व्यवस्था की कमान

लंबे प्रशासनिक अनुभव, चर्चित उपलब्धियों और विवादों से भरे करियर के बाद अब पी. विजयन को केरल की कानून-व्यवस्था की कमान सौंपी गई है। ऐसे में उनकी नई भूमिका पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।

 

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