बिजनेस डेस्क : रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी जरूरत होती है नियमित और सुरक्षित आय की। ऐसे में सरकार की छोटी बचत योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आती हैं। इनमें पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) और सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) सबसे ज्यादा लोकप्रिय मानी जाती हैं। लेकिन सवाल यह है कि दोनों में से कौन-सी योजना ज्यादा फायदेमंद है?
कितना कर सकते हैं निवेश?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसमें व्यक्तिगत खाते में अधिकतम 9 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये तक निवेश की सीमा तय है।
वहीं सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में भी न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये से शुरू होता है, लेकिन इसमें एक व्यक्ति कुल मिलाकर 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। यह योजना खासतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। कुछ शर्तों के साथ 55 से 60 वर्ष के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इसमें निवेश कर सकते हैं।
किसमें मिलता है ज्यादा ब्याज?
वर्तमान में POMIS पर 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है, जबकि SCSS में 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है। दोनों योजनाओं की अवधि 5 वर्ष है, लेकिन ब्याज भुगतान का तरीका अलग है।
POMIS में ब्याज हर महीने निवेशक के खाते में आता है, जबकि SCSS में ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। ब्याज दर के मामले में SCSS, POMIS से अधिक फायदेमंद साबित होती है।
कितनी होगी मासिक कमाई?
अगर कोई निवेशक POMIS में संयुक्त खाते के जरिए अधिकतम 15 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे सालाना करीब 1.11 लाख रुपये का ब्याज मिलेगा, यानी लगभग 9,250 रुपये प्रति माह आय।
वहीं SCSS में अधिकतम 30 लाख रुपये निवेश करने पर सालाना करीब 2.46 लाख रुपये का ब्याज मिलता है, यानी लगभग 20,500 रुपये प्रति माह की नियमित आय संभव है।
टैक्स के मामले में कौन बेहतर?
POMIS से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स योग्य होता है और इसमें किसी तरह की छूट नहीं मिलती।
वहीं SCSS में निवेश करने पर आयकर अधिनियम के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है। हालांकि SCSS से मिलने वाला ब्याज भी टैक्स के दायरे में आता है।
समय से पहले निकासी के नियम
दोनों योजनाओं में समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा मौजूद है, लेकिन इसके लिए शर्तें लागू होती हैं।
POMIS में एक साल से पहले खाता बंद नहीं किया जा सकता, जबकि SCSS में एक साल के भीतर निकासी करने पर ब्याज का लाभ प्रभावित होता है और कुछ पेनल्टी भी लग सकती है।
कौन-सी स्कीम बेहतर है?
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार SCSS, रिटायरमेंट के बाद अधिक बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें ब्याज दर अधिक है, निवेश सीमा बड़ी है और टैक्स लाभ भी मिलता है।
वहीं POMIS उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जिन्हें हर महीने निश्चित और सीमित आय चाहिए। जरूरत के अनुसार दोनों योजनाओं का संतुलित उपयोग भी किया जा सकता है।
Navyug Samachar
