
धर्म डेस्क: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि की धीमी चाल के कारण इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। जब शनि किसी राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव से गुजरते हैं, तब उस अवधि को शनि साढ़ेसाती कहा जाता है।
साल 2026 के आने वाले महीनों में शनि की स्थिति के कारण मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान इन राशियों के लोगों को आर्थिक, स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है।
मेष राशि: साढ़ेसाती का पहला चरण जारी
मेष राशि के जातकों पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस समय खर्चों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। बिना योजना के धन खर्च करने से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
कुछ लोगों को कर्ज से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा मानसिक तनाव, सिर दर्द, आंखों से जुड़ी समस्या या नींद में परेशानी जैसी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
पंचांग के अनुसार, मेष राशि के जातकों को शनि साढ़ेसाती से पूरी तरह राहत 31 मई 2032 को मिलने की संभावना बताई गई है।
कुंभ राशि: साढ़ेसाती का अंतिम चरण
कुंभ राशि के जातकों पर इस समय शनि साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि के राशि परिवर्तन के बाद कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलने की बात कही गई है।
इस अवधि में आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। अटका हुआ धन मिलने में देरी हो सकती है या किसी को दिया गया पैसा वापस आने में समय लग सकता है।
परिवार और कार्यक्षेत्र में गलतफहमियों से बचने के लिए बातचीत में संयम रखना जरूरी माना गया है।
मीन राशि: साढ़ेसाती का दूसरा चरण
मीन राशि के जातकों पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे प्रभावशाली चरण चल रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस समय करियर और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है।
साझेदारी के कारोबार में मतभेद की स्थिति बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य के मामले में मौसमी बीमारियों और सीने से जुड़ी परेशानियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मीन राशि के जातकों को 8 अगस्त 2029 को शनि साढ़ेसाती से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना बताई गई है।
शनि साढ़ेसाती के दौरान करें ये उपाय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि साढ़ेसाती का समय केवल परेशानियों का संकेत नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति को अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी का महत्व भी सिखाता है।
मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान खर्चों पर नियंत्रण रखना, मेहनत और अनुशासन के साथ कार्य करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और नियमित पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
Navyug Samachar