Thursday , 13 August 2026

NDA में शामिल होंगे शरद पवार? सुप्रिया सुले ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, सियासी गलियारों में बढ़ा सस्पेंस

महाराष्ट्र डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों लगातार नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने उन अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और भाजपा के राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े के बीच किसी संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर बातचीत हुई है। साथ ही ऐसी चर्चाएं भी तेज थीं कि शरद पवार का गुट केंद्र और राज्य स्तर पर भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दे सकता है।

सुप्रिया सुले ने अफवाहों को किया खारिज

मीडिया से बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले ने स्पष्ट कहा कि उन्हें जयंत पाटिल और विनोद तावड़े के बीच किसी कथित गोपनीय मुलाकात की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों की जानकारी उन्हें भी मीडिया के माध्यम से ही मिली है। जब उनसे एनडीए में शामिल होने की संभावनाओं पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से इस तरह की चर्चाएं लगातार सुनती आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विनोद तावड़े और उनकी मुलाकातें संयुक्त संसदीय समिति की सदस्यता के कारण नियमित रूप से होती रहती हैं। उनके मुताबिक बीते एक महीने में दोनों की करीब 21 बार मुलाकात हो चुकी है, इसलिए इन दावों को लेकर उन्हें केवल हंसी आती है।

रोहित पवार ने भी दावों को बताया निराधार

इन चर्चाओं के बीच एनसीपी के विधायक रोहित पवार ने भी एनडीए में शामिल होने की अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष की भूमिका में किसानों, छात्रों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल

दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे किसी बड़े राजनीतिक संवाद से इनकार नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक अब यह फैसला शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट को करना है कि वह प्रगतिशील विचारधारा के साथ आगे बढ़ना चाहता है या फिर राजनीतिक सत्ता और अन्य समीकरणों को प्राथमिकता देगा।

सूत्रों के हवाले से बड़े राजनीतिक प्रस्ताव की चर्चा

सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को जयंत पाटिल और विनोद तावड़े के बीच हुई बैठक में कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। दावा किया जा रहा है कि शरद पवार के सामने एनडीए में शामिल होने या बाहर से समर्थन देने का विकल्प रखा गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यह पहल महाराष्ट्र स्तर पर नहीं बल्कि केंद्रीय स्तर से की जा रही है। चर्चाओं के मुताबिक यदि यह राजनीतिक समीकरण बनता है तो शरद पवार गुट को केंद्र सरकार में एक कैबिनेट मंत्री और महाराष्ट्र सरकार में तीन कैबिनेट मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वित्त मंत्रालय को लेकर बना हुआ है सबसे बड़ा सस्पेंस

सूत्रों के मुताबिक पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा महाराष्ट्र के वित्त मंत्रालय को लेकर है। दावा किया जा रहा है कि यह महत्वपूर्ण विभाग, जो फिलहाल देवेंद्र फडणवीस के पास है, संभावित राजनीतिक समझौते की स्थिति में जयंत पाटिल को दिया जा सकता है। यही वजह बताई जा रही है कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार के दावों के बावजूद अब तक इस विभाग का आवंटन किसी अन्य नेता को नहीं किया गया है। फिलहाल इन सभी चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में सस्पेंस बरकरार है और सभी की निगाहें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

 

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