नेशनल डेस्क: लद्दाख के अधिकारों और छठी अनुसूची की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार जारी है। अनशन के 19वें दिन वांगचुक ने अपनी सेहत और आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह फिलहाल अपना आंदोलन खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं और इसे आगे जारी रखेंगे।
‘अभी ऐसी स्थिति नहीं कि अनशन खत्म करना पड़े’
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि लगातार भूखे रहने से शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन उनका मनोबल अभी मजबूत है। उन्होंने बताया कि देशभर से लोग उन्हें अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन वह इसे अभी समाप्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि वह लोगों की अपील पर अनशन तोड़ देते हैं तो इससे सरकार को यह संदेश जा सकता है कि जनता के दबाव के बिना भी आंदोलन खत्म हो सकते हैं। वांगचुक ने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
मेडिकल रिपोर्ट को लेकर दिया स्वास्थ्य अपडेट
वांगचुक ने आंदोलन स्थल पर मौजूद डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपनी सेहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 दिनों तक बिना अन्न-जल के रहने के बाद भी उनकी ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आई है।
उन्होंने कहा कि कमजोरी के कारण शरीर की मांसपेशियों पर असर पड़ा है, लेकिन मानसिक रूप से वह पूरी तरह मजबूत हैं। वांगचुक ने यह भी कहा कि उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि कुछ दिनों में कोई गंभीर स्थिति बन जाए और वह अभी कई दिन तक अनशन जारी रखने की क्षमता रखते हैं।
20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान
सोनम वांगचुक ने लोगों से अनशन खत्म करने की अपील करने के बजाय आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च लद्दाख के अधिकारों और छठी अनुसूची की मांग के समर्थन में आयोजित किया जाएगा।
स्कूल और विश्वविद्यालयों से की खास अपील
वांगचुक ने देश के स्कूलों और विश्वविद्यालयों से 20 जुलाई को ‘प्रायोगिक शिक्षा’ के तौर पर मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्र इस आंदोलन में शामिल होकर लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की प्रक्रिया को करीब से समझ सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे वास्तविक जीवन में यह देखें कि जनता अपने अधिकारों और मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से किस तरह आवाज उठाती है।
लद्दाख के मुद्दों को लेकर जारी है आंदोलन
सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनशन को लेकर राजनीतिक नेताओं, अदालत और आम लोगों की ओर से इसे खत्म करने की अपील भी की गई है। हालांकि वांगचुक ने फिलहाल आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
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