
हेल्थ डेस्क : गर्मियों का मौसम छोटे बच्चों, खासकर शिशुओं की सेहत पर सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। बढ़ते तापमान में बच्चों के शरीर को पर्याप्त पोषण और पानी की जरूरत होती है, इसलिए इस मौसम में उनकी खुराक पर विशेष ध्यान देना जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शिशु का आहार उसकी उम्र के अनुसार तय होना चाहिए ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे और पाचन पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
गर्मी के मौसम में बच्चों को ऐसा भोजन देने की सलाह दी जाती है जो हल्का हो, आसानी से पच जाए और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करे। हालांकि शिशु को क्या देना है, यह उसकी उम्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
6 महीने से कम उम्र के शिशुओं के लिए क्या है सही विकल्प?
विशेषज्ञों के अनुसार, 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं के लिए मां का दूध ही सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसमें बच्चे की जरूरत के अनुसार पानी और पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ऐसे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के अलग से पानी देने की सलाह नहीं दी जाती।
6 महीने के बाद धीरे-धीरे शुरू करें पूरक आहार
जब शिशु 6 महीने से अधिक उम्र का हो जाए, तब धीरे-धीरे पूरक आहार शुरू किया जा सकता है। इस दौरान हल्के और आसानी से पचने वाले विकल्प चुने जा सकते हैं।
बच्चों को चावल का पानी, मूंग दाल की पतली खिचड़ी और हल्का दलिया दिया जा सकता है। इसके अलावा अच्छी तरह मैश किए गए फल भी शामिल किए जा सकते हैं।
फल और सब्जियां भी बन सकती हैं बेहतर विकल्प
गर्मी में बच्चों को उम्र के अनुसार मैश करके केला, उबला या स्टीम किया हुआ सेब, पपीता और कम मात्रा में बीज निकालकर तरबूज दिया जा सकता है।
सब्जियों में उबली और मैश की हुई गाजर, लौकी, कद्दू और आलू जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं ताकि बच्चों को पोषण के साथ हल्का भोजन मिल सके।
हाइड्रेशन का रखें विशेष ध्यान
6 महीने की उम्र के बाद बच्चों को उबालकर ठंडा किया गया पानी दिया जा सकता है। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से कम मात्रा में नारियल पानी या हल्की घर की बनी छाछ भी दी जा सकती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
गर्मी में बच्चों को बहुत भारी, मसालेदार या देर से पचने वाला भोजन देने से बचना चाहिए। नया आहार शुरू करते समय बच्चे की प्रतिक्रिया पर नजर रखें और किसी भी असुविधा की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लें।
Navyug Samachar