Saturday , 15 August 2026

लखनऊ अग्निकांड का भयावह सच: चारों तरफ से बंद थी इमारत, धुएं में घुटीं सांसें; जान बचाने को ऊंचाई से कूदे छात्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, वह लगभग चारों तरफ से बंद थी। इसी वजह से आग लगने के बाद अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका और कई लोग धुएं व आग के बीच फंस गए।

बंद ढांचा बना मौत की वजह

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत तीन तरफ से दीवारों से घिरी हुई थी, जबकि सामने बड़े-बड़े कांच लगे थे। अंदर प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते भी सीमित और अपेक्षाकृत संकरे थे। ऐसे में जब आग तेजी से फैली तो ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित निकास का रास्ता लगभग बंद हो गया। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर से ही छलांग लगा दी।

धुएं ने छीनी कई जिंदगियां

घटनास्थल से सामने आए वीडियो में पूरी इमारत एक बंद ढांचे की तरह दिखाई दे रही है। बचाव अभियान के दौरान राहत टीमों को अंदर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से ज्यादा धुएं के कारण दम घुटने से हुई। घना धुआं कुछ ही समय में पूरे भवन में फैल गया था, जिससे अंदर मौजूद लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया।

भूतल पर पेट शॉप, ऊपर चल रहा था प्रशिक्षण केंद्र

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमारत के भूतल पर एक पेट शॉप संचालित थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर एनिमेशन और डिजाइनिंग से जुड़ा प्रशिक्षण केंद्र चल रहा था। यहां बच्चों को विभिन्न तकनीकी और रचनात्मक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाता था। हादसे के समय बड़ी संख्या में छात्र और कर्मचारी भवन के अंदर मौजूद थे।

20 से 24 वर्ष के युवाओं की गई जान

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतकों में अधिकांश छात्र हैं, जिनकी उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हादसे में घायल लोगों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर और केजीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पहली मंजिल से कूदा छात्र, ग्रिल पर गिरकर हुआ गंभीर घायल

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग फैलने के दौरान कुछ युवक बाथरूम में बंद होकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं एक छात्र ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी, लेकिन नीचे लगी ग्रिल पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

दीवार तोड़कर अंदर पहुंची राहत टीम

हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया गया। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्य में जुटीं। मुख्य रास्तों से अंदर पहुंचना मुश्किल होने के कारण अग्निशमन कर्मियों ने इमारत की पिछली दीवार तोड़ी, जिसके बाद अंदर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई जा सकी। इसी रास्ते से शवों और घायलों को बाहर निकाला गया।

हादसे की सूचना मिलते ही लौटे मुख्यमंत्री

अलीगढ़ दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में ही समाप्त कर दिया। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ में हुए अग्निकांड में बच्चों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने के निर्देश दिए।

आग के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इमारत की संरचना, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकास व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

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