धर्म डेस्क: सावन की शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए बेहद खास मानी जाती है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन महादेव का अभिषेक, मंत्र जाप और व्रत करने से जीवन की परेशानियों से राहत मिलने की कामना की जाती है। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का प्राकट्य हुआ था और इसी दिन उनके विवाह की भी मान्यता है। यही वजह है कि हर महीने आने वाली मासिक शिवरात्रि के मुकाबले सावन की शिवरात्रि को विशेष महत्व दिया जाता है।
सावन शिवरात्रि पर कैसे करें भोलेनाथ की पूजा?
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा का संकल्प लें। सबसे पहले शिवलिंग पर जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक किया जा सकता है। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। रात में शिव स्तुति या रुद्राष्टक का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
जो भक्त चार पहर पूजा करते हैं, वे पहले पहर में दूध, दूसरे पहर में दही, तीसरे पहर में घी और चौथे पहर में शहद से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। हर पहर में जल अर्पित करने की भी मान्यता है।
धन की परेशानी दूर करने के लिए करें ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार धन संबंधी परेशानियों से राहत और धन-समृद्धि की कामना के लिए शिवरात्रि पर दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से भगवान शिव का अभिषेक किया जा सकता है। इसके बाद शिवलिंग पर जल की धारा अर्पित करें और मन में धन-समृद्धि की प्रार्थना करें।
संतान सुख की इच्छा है तो ऐसे करें शिव पूजा
संतान सुख की इच्छा रखने वाले लोग शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर घी अर्पित करने के बाद जल चढ़ा सकते हैं। इसके बाद भगवान शिव से संतान सुख की प्रार्थना करने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूजा श्रद्धा और विश्वास के साथ करनी चाहिए।
विवाह में हो रही देरी तो बेलपत्र से जुड़ा है ये उपाय
जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, वे शिवरात्रि के दिन अपनी आयु के बराबर बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं। प्रत्येक बेलपत्र चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने की मान्यता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को विवाह संबंधी बाधाओं के लिए शुभ माना गया है।
मनचाही नौकरी के लिए क्या करें?
नौकरी या रोजगार की इच्छा रखने वाले लोग शिवरात्रि पर शिवलिंग का जल से अभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद शिव मंदिर में 11 घी के दीपक जलाकर भगवान शिव से अपनी इच्छा पूरी होने की प्रार्थना करने की मान्यता है।
स्वास्थ्य और आरोग्य के लिए करें ये पूजा
स्वास्थ्य और आरोग्य की कामना के लिए शिवलिंग पर इत्र अर्पित करने के बाद जल चढ़ाने की मान्यता है। इसके बाद मंदिर में बैठकर ‘ॐ जूं सः माम पालय पालय’ मंत्र का 11 माला जाप करने की बात कही गई है। संभव हो तो इस दिन रुद्राक्ष धारण भी किया जा सकता है।
सावन शिवरात्रि क्यों मानी जाती है खास?
हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि आती है, लेकिन सावन में पड़ने वाली शिवरात्रि का धार्मिक महत्व अधिक माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए व्रत रखते हैं, अभिषेक करते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं।
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