यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के बाद अब मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। सितंबर के आखिरी दिनों में हुई वर्षा के बाद प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छंट रहे हैं और बारिश का दौर भी कमजोर पड़ गया है। 1 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में वर्षा को लेकर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों के लिए 1 से 5 अक्टूबर तक किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
1 अक्टूबर से साफ रहेगा मौसम
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 1 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। ऐसे में प्रदेश के लोगों को फिलहाल भारी बारिश या लगातार वर्षा से राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ में 1 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान करीब 24 से 25 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यहां मौसम मुख्यतः साफ रहने और दिन बढ़ने के साथ आसमान साफ होने की स्थिति बताई गई है।
गोरखपुर में 1 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। यहां न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री और अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद 2 अक्टूबर से मौसम और साफ होने का पूर्वानुमान है।
बारिश थमने के साथ अब चढ़ेगा पारा
वर्षा के कमजोर पड़ने के साथ तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। लखनऊ के आईएमडी पूर्वानुमान में 1 अक्टूबर के बाद अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
इसका मतलब है कि सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश के कारण महसूस हुई ठंडक के बाद दिन के तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। आसमान साफ रहने के साथ धूप भी तेज होने की संभावना है।
पूर्वी यूपी में नदियों का जलस्तर अब भी चिंता
बारिश का दौर कमजोर पड़ने के बावजूद पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों का बढ़ा हुआ जलस्तर अभी भी परेशानी का कारण बना हुआ है। नेपाल में लगातार हुई बारिश के असर से गोरखपुर मंडल में सरयू, राप्ती और रोहिन नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है।
गोरखपुर में राप्ती नदी के राजघाट पर बने सभी प्लेटफार्म पानी में डूब गए हैं। इससे अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन गेट का काम भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई जगह नदी किनारे अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया है।
कई रास्तों पर अब भी भरा है पानी
डोहरिया बाजार से डोमिनगढ़ रेलवे पुल के नीचे होते हुए शहर को जोड़ने वाले रास्ते पर भी पानी का असर बना हुआ है। इससे आवागमन बाधित है और ग्रामीणों को शहर पहुंचने के लिए करीब 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
डोमिनगढ़ के दिग्विजय नगर और डिहवा टोले भी प्रभावित हैं। पंडितपुरवा, सिउरिया, सेमरा, गौरा, भंडारो, बढ़नी, भिटिनी, कंजहवा, काजीपुर, कुषहरा, डोहरिया बाजार और बुढ़ियाबारी समेत कई गांवों में रास्तों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। उत्तरी बहरामपुर के बैरबागवा टोले में भी रास्ते पर पानी भरा हुआ है।
कुल मिलाकर 1 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में बारिश से राहत के संकेत हैं। आईएमडी के अनुसार फिलहाल प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों मौसम संभागों के लिए कोई चेतावनी नहीं है। आने वाले दिनों में मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है।
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