
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से सामने आए डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बच्चे की हत्या के दोषी चाचा जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने गुरुवार को आरोपी को दोषी ठहराया था, जबकि शुक्रवार को सजा का ऐलान किया गया।
शादी के प्रस्ताव से शुरू हुआ पूरा मामला
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव उपाध्याय के अनुसार, घटना 30 मई की है। आरोपी वीराज अपनी भाभी रति से मिलने पहुंचा था। रति अरांव थाना क्षेत्र के बमई गांव की रहने वाली हैं और उस समय शिकोहाबाद में अपने रिश्तेदारों के यहां आई हुई थीं।
अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने अपनी भाभी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन रति ने इसे ठुकरा दिया। इस बात से नाराज होकर वीराज ने अपने डेढ़ वर्षीय भतीजे आरव को बार-बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
शव छोड़कर मौके से हुआ फरार
घटना के बाद आरोपी बच्चे के शव को कंधे पर रखकर वहां से निकल गया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो वह शव वहीं छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
महज 6 दिनों में पूरी हुई अहम कार्रवाई
सरकारी वकील के अनुसार, पुलिस ने तेजी से जांच पूरी करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया। छह दिनों के भीतर सभी गवाहों के बयान दर्ज करा लिए गए। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से केवल एक गवाह प्रस्तुत किया गया।
प्राथमिकता के आधार पर हुई सुनवाई, मिली मौत की सजा
फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई।
पूछताछ में आरोपी ने बताई हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वह अपने बड़े भाई की पत्नी से शादी करना चाहता था। उसके अनुसार, डेढ़ वर्षीय भतीजा उसकी इस इच्छा के बीच बाधा था। इसी वजह से उसने मासूम की हत्या कर दी।
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