Friday , 14 August 2026

कौन थीं ‘मेस आंटी पार्वती’? बिल्डिंग गिरने से पहले बच्चों के लिए पराठा बना रहीं थीं, साकेत हादसे में गई जान

नेशनल डेस्क: दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने कई जिंदगियों को छीन लिया, लेकिन इस त्रासदी में एक ऐसी शख्सियत भी चली गई, जिन्हें छात्र सिर्फ ‘मेस आंटी’ कहकर नहीं, बल्कि अपने घर की तरह मानते थे। हादसे में 50 वर्षीय पार्वती की भी मौत हो गई, जो हादसे के वक्त अपनी कैंटीन में बच्चों के लिए पराठा बना रही थीं।

हादसे के वक्त खाना बना रही थीं पार्वती
जानकारी के मुताबिक, जिस समय बगल की पांच मंजिला इमारत ढही, उस वक्त पार्वती अपनी मेस में छात्रों के लिए खाना तैयार कर रही थीं। अचानक मलबा उनकी कैंटीन पर आ गिरा और वह उसके नीचे दब गईं। इस हादसे में कुल 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

नेपाल मूल की थीं, छात्रों के लिए बन गई थीं ‘घर जैसी ममता’
पार्वती मूल रूप से नेपाल की रहने वाली थीं और पिछले कई वर्षों से दिल्ली में मेस चला रही थीं। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने साकेत में अपनी नई मेस शुरू की थी, जहां मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र रोज खाना खाने आते थे।

छात्रों के लिए सिर्फ मेस नहीं, घर जैसा एहसास
छात्रों के बीच पार्वती बेहद लोकप्रिय थीं। उनका सस्ता, स्वादिष्ट और घर जैसा खाना दूर-दराज से आए छात्रों के लिए बड़ी राहत था। छात्रों का कहना है कि वह कभी किसी को भूखा नहीं लौटाती थीं और देर रात आने पर भी खाना उपलब्ध कराती थीं।

बेटी का दर्द: देर रात तक सुनाई देती रहीं चीखें
हादसे के बाद उनकी बेटी नीलम और दामाद अनिकेत घटनास्थल पर पहुंचे और अपनों की तलाश में घंटों इंतजार करते रहे। बेटी ने भावुक होकर बताया कि उन्हें देर रात तक अपनी मां की चीखें सुनाई देती रहीं, जिसे वह भूल नहीं पा रही हैं।

छात्रों के लिए मां जैसी थीं पार्वती
मेडिकल छात्र कपिल के अनुसार, हर दिन करीब 100 छात्र उनकी मेस में खाना खाने आते थे। वहीं एक अन्य छात्र ने बताया कि वहां दाल, चावल, सब्जी, पराठा और ऑमलेट बेहद किफायती दामों पर मिलता था।

कभी किसी को नहीं लौटाया खाली हाथ
छात्रों का कहना है कि पार्वती का व्यवहार बेहद स्नेहपूर्ण था। देर से आने पर भी वह किसी को खाने से मना नहीं करती थीं। यही वजह थी कि छात्र उन्हें सिर्फ मेस आंटी नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानते थे।

हादसे के बाद जांच और कार्रवाई
हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का निरीक्षण किया और जांच के आदेश दिए। लापरवाही के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जर्जर इमारतों की जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

 

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