
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क: अमेरिका का वीजा हासिल करने की तैयारी कर रहे भारतीय आवेदकों के सामने इंटरव्यू की तारीख पाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। अमेरिकी सरकार की जांच एजेंसी GAO की 28 सितंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारतीयों को नॉन-इमिग्रेंट वीजा के इंटरव्यू के लिए औसतन 346 दिन तक इंतजार करना पड़ा। कोविड से पहले यह औसत इंतजार सिर्फ 42 दिन था। यानी कुछ वर्षों में प्रतीक्षा अवधि करीब आठ गुना बढ़ गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत से करीब 14.5 लाख वीजा आवेदन आए, लेकिन इन्हें संभालने के लिए सिर्फ 68 अधिकारी उपलब्ध थे। इस हिसाब से प्रत्येक अधिकारी पर औसतन करीब 21,401 आवेदन का बोझ था। इंटरव्यू में देरी के साथ वीजा हासिल करने की लागत बढ़ना भी भारतीय आवेदकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
स्टाफ की कमी से बढ़ी वीजा प्रक्रिया की मुश्किल
GAO की रिपोर्ट में अमेरिकी कॉन्सुलर सिस्टम के सामने बढ़ती मांग के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ बनाए रखने की चुनौती का जिक्र किया गया है। अमेरिका में विजिटर वीजा आवेदनों पर फैसले की संख्या वित्त वर्ष 2019 में 92 लाख थी, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 1.17 करोड़ हो गई। यानी महामारी से पहले की तुलना में मांग काफी बढ़ी।
इसके उलट, नॉन-इमिग्रेंट वीजा से जुड़े मामलों पर काम करने वाले कॉन्सुलर अधिकारियों की संख्या वित्त वर्ष 2024 में 1,342 से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 904 रह गई। रिपोर्ट के मुताबिक, नई भर्तियां न होने और अधिकारियों के नौकरी छोड़ने से स्टाफ की संख्या में कमी आई।
अमेरिका में भी बढ़ा इंटरव्यू का इंतजार
स्टाफ की कमी और बढ़ती मांग का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। पूरे अमेरिका में विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए औसत प्रतीक्षा अवधि वित्त वर्ष 2019 में 26 दिन थी, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 201 दिन हो गई।
GAO के मुताबिक, भारत और मेक्सिको में इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा अवधि चीन और ब्राजील की तुलना में ज्यादा रही। भारत में बड़ी संख्या में आवेदन और उपलब्ध स्टाफ के बीच अंतर को लंबी प्रतीक्षा अवधि की एक अहम वजह माना गया है।
2026 में भी भारतीय आवेदकों की मुश्किलें जारी
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भी अमेरिकी वीजा प्रक्रिया को लेकर भारतीय आवेदकों के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं। खासकर टूरिस्ट और बिजनेस वीजा के लिए आवेदन करने वालों को इंटरव्यू स्लॉट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। बढ़ती प्रतीक्षा अवधि और वीजा प्रक्रिया से जुड़े खर्च में इजाफा दोनों ही आवेदकों के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं।
Navyug Samachar