
दिल्ली डेस्क: दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। पोस्टरों पर क्यूआर कोड भी लगाया गया था, जिसके जरिए लोगों को एक ऑनलाइन समूह से जुड़ने का निमंत्रण दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में पुलिस की स्पेशल सेल भी जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश में हुए बदलावों को लेकर कई दावे किए गए थे। दोनों पोस्टरों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें ट्रेन के अंदर किसने चिपकाया और इसके पीछे किसका हाथ है।
20 अक्टूबर को सामने आया था मामला
एफआईआर के अनुसार, यह घटना 20 अक्टूबर की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के ट्रेन ऑपरेटर तरुण चौधरी उस दिन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर ड्यूटी कर रहे थे। वह शाम करीब 6:50 बजे नई दिल्ली स्टेशन से यशोभूमि स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। ट्रेन लगभग 7:15 बजे अपने गंतव्य पर पहुंची।
ट्रेन के केबिन के अंदर निरीक्षण के दौरान तरुण चौधरी ने एक सीट पर चिपके हुए दो पोस्टर देखे। उन्होंने पोस्टर हटाकर इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों और ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर को दी। इसके बाद उन्हें पोस्टर द्वारका सेक्टर-21 के स्टेशन कंट्रोलर को सौंपने के निर्देश मिले। बाद में पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
सार्वजनिक संपत्ति और मेट्रो कानून के तहत एफआईआर
पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां पोस्टरों पर मौजूद सामग्री और क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन समूह से जुड़ने के निमंत्रण के पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।
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