यूपी डेस्क: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खां समेत अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप सरकारी धन के कथित इस्तेमाल और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं से जुड़े हैं।
मंगलवार को रामपुर जिला जेल में ईडी ने आजम खां से पूछताछ की थी। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी मामले में एफआईआर दर्ज होने से जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61, 316(5) और 318(4) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
ईडी की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर
ईडी की ओर से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। एजेंसी ने जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के कथित इस्तेमाल को लेकर जांच की थी।
ईडी के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर सरकारी कार्यों के लिए जारी धन और निर्माण सामग्री के कथित रूप से यूनिवर्सिटी परिसर में इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कुछ सरकारी धन को ठेकेदारों के माध्यम से निर्माण कार्यों में लगाया गया और बाद में उसे ट्रस्ट को दान के रूप में लौटाए जाने की संभावना की जांच की जा रही है।
416 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में करीब 416.14 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की लागत ट्रस्ट की घोषित आय और खर्च से स्पष्ट नहीं होने का दावा किया गया है।
ईडी ने सरकारी धन से कराए गए विभिन्न कार्यों का कुल मूल्य करीब 85.81 करोड़ रुपये बताया है। एजेंसी का कहना है कि इन मामलों की जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन और निर्माण कार्यों से जुड़े कई दस्तावेजों की समीक्षा की गई है।
ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच लेनदेन की जांच
ईडी की रिपोर्ट में ठेकेदारों और जौहर ट्रस्ट के बीच हुए कथित लेनदेन की भी जांच का उल्लेख किया गया है। एजेंसी का आरोप है कि आजम खां के प्रभाव के चलते कुछ ठेकेदारों को सरकारी काम मिले और उनसे जुड़ी सामग्री का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी निर्माण में किया गया।
जांच एजेंसी ने कुछ दान की रकम को भी वास्तविक लेनदेन के बजाय कथित तौर पर ठेकेदारों से ट्रस्ट तक धन पहुंचाने के माध्यम के रूप में जांच के दायरे में रखा है।
ईडी ने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित लोगों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला दिया है।
पहले से दर्ज मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग जांच का भी जिक्र
ईडी ने अपने पत्र में जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े पहले से दर्ज मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग जांच का भी उल्लेख किया है।
एजेंसी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की जमीन और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों में पहले से जांच चल रही है। अब सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और अन्य अनियमितताओं को लेकर पुलिस ने नया मुकदमा दर्ज किया है।
हालांकि एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है। आरोपों पर आजम खां और अन्य संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
आजम खां से जेल में हुई थी लंबी पूछताछ
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में कार्रवाई से पहले ईडी की टीम ने रामपुर जिला जेल में आजम खां से पूछताछ की थी। इस दौरान एजेंसी ने जौहर ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी निर्माण और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे थे।
अब ईडी की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज नए मुकदमे के बाद आजम खां की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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