Saturday , 31 October 2026

‘जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं’, सरदार पटेल जयंती पर सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर जातिवाद, क्षेत्रवाद और जिन्नावाद को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को सबसे बड़ा खतरा समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतों से है। जिन्ना को आदर्श मानने और समाज में विभाजन पैदा करने वाले लोग सरदार पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। लौहपुरुष का वास्तविक अनुयायी वही है, जो देश की एकता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के जीपीओ स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर लोगों को एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि यह शपथ सरदार पटेल के उन आदर्शों और विचारों का प्रतिनिधित्व करती है, जिनके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को भारतीय गणराज्य का शिल्पी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता बताया।

जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज को कर रहे कमजोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, तब बीमारियां उसे घेरने लगती हैं। इसी तरह जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करने वाली बीमारियां हैं। इनकी वजह से समाज बंटता है और बाहरी आक्रांताओं को हमला करने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है। देश की एकता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले लोग ही सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचारों के वास्तविक अनुयायी हो सकते हैं।

2014 से राष्ट्रीय एकता दिवस पर लगातार हो रहे आयोजन

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता की शपथ, एकता दौड़ और समाज को जोड़ने वाले विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती मनाई जा रही है। पिछले वर्ष उनकी 150वीं जयंती पूरी होने के अवसर पर डबल इंजन सरकार ने कई विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया था। इन आयोजनों का उद्देश्य लौहपुरुष के विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।

अब यूपी में कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा: योगी

मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र के गठन की प्रक्रिया का शुभारंभ किया जा रहा है।

योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा बेरोजगार न रहे और उसे अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार मिल सके।

दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा लौहपुरुष के विराट व्यक्तित्व का प्रतीक

सीएम योगी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म गुजरात के छोटे से गांव करमसद में हुआ था। देश की एकता और अखंडता में उनके ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर केवड़िया में उनकी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित कराई है।

उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा लौहपुरुष के विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रदर्शित करती है। सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।

563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य में मिलाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश में 563 से अधिक रियासतें थीं, जिन्हें भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों के शासक भारत में विलय के लिए तैयार नहीं थे।

योगी के मुताबिक, जूनागढ़ के नवाब को सरदार पटेल ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि बातचीत से बात नहीं बनी तो दूसरा रास्ता भी अपनाया जा सकता है। इसके बाद नवाब अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया और जूनागढ़ भारत का हिस्सा बना।

उन्होंने हैदराबाद के निजाम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां व्यापक हिंसा और जबरन धर्मांतरण की घटनाएं हो रही थीं। निजाम किसी भी प्रोटोकॉल को मानने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन सरदार पटेल की सख्ती के बाद उसे भी पीछे हटना पड़ा। आज हैदराबाद और उसके अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्र भारत का हिस्सा हैं।

कश्मीर को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मामला नेहरू ने अपने पास रखा था। इसी दौरान पाकिस्तान की मदद से कबीलाइयों ने कश्मीर पर हमला किया और वहां के कुछ हिस्सों पर आज भी पाकिस्तान का कब्जा है।

योगी ने आरोप लगाया कि उस दौरान कश्मीर में हिंदुओं, बौद्धों, सिखों और जैनियों के साथ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। उन्होंने कहा कि नेहरू ने भारतीय कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया था, जिसका डॉ. भीमराव आंबेडकर ने विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

अनुच्छेद 370 हटने से साकार हुआ सरदार पटेल का सपना

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करके कश्मीर को देश के अन्य राज्यों की तरह संवैधानिक व्यवस्था में शामिल किया। उन्होंने कहा कि अब देश में अलग-अलग कानूनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि एक देश, एक प्रधान, एक विधान और एक निशान का सिद्धांत लागू है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अनुच्छेद 370 हटने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना साकार हुआ है।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए सभी को मिलकर करना होगा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी राष्ट्रीय एकता के सामने कई चुनौतियां खड़ी करने के प्रयास हो रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और समाज को बांटने की कोशिशें की जा रही हैं। इन चुनौतियों का मुकाबला सभी को मिलकर करना होगा।

उन्होंने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक से योगदान देने की अपील की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए विधायक शशांक वर्मा का अभिनंदन किया और उनके पिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

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