यूपी डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सड़क, रेल, मेट्रो और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार का जिक्र करते हुए प्रदेश में हुए बदलावों की जानकारी दी। सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने कहा कि स्पीड, स्केल और कनेक्टिविटी के मंत्र के साथ प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे, हवाई अड्डों और मेट्रो सेवाओं में हुई बढ़ोतरी को विकास की दिशा में अहम बताया।
2017 से पहले कनेक्टिविटी की स्थिति पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क केवल दूरियां कम नहीं करते, बल्कि समय की बचत, बेहतर सुविधाओं और आर्थिक अवसरों का रास्ता भी खोलते हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में इन क्षेत्रों की स्थिति बेहतर नहीं थी। उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुए विस्तार को प्रदेश की कनेक्टिविटी में आए बदलाव के तौर पर पेश किया।
डेढ़ एक्सप्रेस-वे से 10 तक पहुंचने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने से पहले प्रदेश में करीब डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि अब 10 एक्सप्रेस-वे संचालित हैं। उन्होंने इसे सड़क संपर्क के विस्तार का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले हवाई सेवाएं कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित थीं, लेकिन अब प्रदेश में 12 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का जिक्र करते हुए उन्होंने हवाई कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि पहले प्रदेश के किसी शहर में मेट्रो सेवा नहीं थी, जबकि अब 7 शहरों में मेट्रो संचालित हो रही है।
किसानों, युवाओं और कारोबार को मिलने वाले अवसरों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को अपनी उपज के लिए बड़े बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलती है। इसके साथ ही कारोबार और उद्यमिता के नए अवसर बनते हैं। युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार तक पहुंच आसान होने, कामकाजी लोगों का समय बचने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने जैसे लाभों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, सड़क और परिवहन सुविधाओं का विस्तार गांवों, कस्बों और शहरों के बीच संपर्क मजबूत करने में मदद कर रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ाने से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के विकास की बदलती तस्वीर बताया।
Navyug Samachar
